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'मइया अब रहती बीमार, भइया पर बढ़ गया भार'

Tue, 15 Oct 2013 09:31 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 15 Oct 2013 09:31 PM IST
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priyanka gandhi can fight election from phoolpur seat

लोकसभा चुनाव में पंडित जवाहर लाल नेहरू की कर्मस्थली फूलपुर संसदीय सीट से प्रियंका गांधी को प्रत्याशी बनाए जाने के प्रस्ताव ने यूपी की सियासत को नया मोड़ दे दिया है। प्रियंका को प्रत्याशी बनानेके लिए हाईकमान पर कार्यकर्ताओं का दबाव बढ़ता जा रहा है।

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दो दिन पहले शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर हुई चर्चा ने सियासत में ऐसा भूचाल खड़ा किया कि विपक्ष भी सोचने को मजबूर हो गया है।

शहर अध्यक्ष अभय अवस्थी की ओर से प्रियंका को प्रत्याशी बनाने की मांग के बाद विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, एआईसीसी शेखर बहुगुणा सहित तमाम नेताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पर्यवेक्षक अनिल सिंह को सौंप दिया।
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ठीक दो दिन बाद शहर कांग्रेस के सचिव हसीब अहमद और यूथ कांग्रेस के सदस्य श्रीश चंद्र दुबे ने सिविल लाइंस में एक होर्डिंग लगाकर सोनिया गांधी को बीमार बताते हुए प्रियंका को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग कर नया विवाद खड़ा कर दिया।
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सिविल लाइंस के सुभाष चौराहे पर लगे होर्डिंग में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की फोटो के साथ लिखा है, ‘मइया अब रहती बीमार, भइया पर पड़ गया भार, प्रियंका फूलपुर से बनो उम्मीदवार, पार्टी का करो प्रचार, कांग्रेस की सरकार बनाओ तीसरी बार।’

हालांकि प्रियंका का नाम सामने आने के बाद विरोधी दलों ने हमला शुरू कर दिया है और कांग्रेस भी अब इस मुद्दे को टालने में लगी है, सो इस पूरे मामले में शहर कांग्रेस के कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है।

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अभय अवस्थी का कहना है कि बैठक में कांग्रेसियों ने पर्यवेक्षक को अपनी भावनाओं से अवगत कराया और सबने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रियंका को फूलपुर से टिकट देने की बात की। चुनाव लड़ना या न लड़ना हाईकमान और प्रियंका की मर्जी पर निर्भर करता है।


जहां तक होर्डिंग लगाने का मामला है तो उसकी फोटोग्राफी कराकर होर्डिंग हटाया जा रहा है और सचिव हसीब अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। सचिव से जवाब मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेज दी जाएगी। आगे की कार्रवाई भी वहीं से होगी।

वहीं जिला अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय के मुताबिक प्रियंका अपने गृहनगर से चुनाव लड़ती हैं तो यह इलाहाबाद का सौभाग्य होगा लेकिन यह उच्चस्तरीय मामला है सो इस पर निर्णय का अधिकार आलाकमान पर छोड़ देना चाहिए।

priyanka gandhi

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