आखिर अमेठी में क्यों बैचेन हो गई हैं प्रियंका गांधी?
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देशभर में अपनी जमीन खिसकने के डर से जूझ रही कांग्रेस राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में भी चुनौतियों का सामना कर रही है। अमेठी में भाजपा की मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयं सेवक की बढ़ती सक्रियता से ने खुद प्रियंका गांधी वाड्रा को बेचैन कर दिया है। उन्होंने अपनी इस चिंता का इजहार राहुल और कांग्रेस के कुछ नेताओं को दिल्ली लौटकर किया है।
प्रियंका ने चिंता जताई है कि नरेंद्र मोदी ने राहुल को परेशानी में डालने के लिए अपने अहम सिपाहसलार स्मृति ईरानी के लिए बड़े पैमाने पर आरएसएस के कार्यकर्ताओं की गतिविधियां तेज करा दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उन्होंने अब संसदीय क्षेत्र में पार्टी की चुनावी रणनीति को नए सिरे से बदलने की योजना बनाई है।
इस नई रणनीति के अब फिर दुबारा पुराने कार्यकर्त्ताओं और मैनेजरों को फिर से लोकसभा सीट में चुनावी कमान सौंपने का निर्णय लिया गया है। किशोरी लाल शर्मा और मनोज मट्टू को फिर क्षेत्र में चुनावी कमान दी गई है। जबकि नए मैनेजरों के पर कतरे गए हैं।
आरएसएस के लोगों की गतिविधियां बढ़ी
प्रियंका ने वरिष्ठ नेताओं को चिंता जताई है कि राहुल के लोकसभा क्षेत्र में आरएसएस के लोगों की गतिविधियां बढ़ गई है। इसकी वजह से पार्टी को सतर्क होने की जरूरत है।
अमेठी में क्षेत्र में लगाए गए मैनेजरों को प्रियंका ने दो टूक कहा है कि राहुल और पार्टी के खिलाफ बन रहे माहौल को किसी भी सूरत में मैनेज किया जाए। साथ ही खुद प्रियंका इस हफ्ते फिर से अमेठी में डेरा डालने की तैयारी में है।
उनके 22 अप्रैल को वहां जाने की संभावना है। राहुल की जीत का अंतर कम करने को लेकर भाजपा की कोशिशों के चलते ही अब राहुल और प्रियंका के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
प्रियंका गांधी की बढ़ गई चुनौती
पार्टी के एक वरिष्ठ महासचिव ने कहा कि अमेठी में पहले के मुकाबले कुछ नकारात्मक संकेतों को भांपते ही प्रियंका ने सोनिया गांधी की वहां रैली आयोजित करवाई। सोनिया ने वहां पिछले दस साल से कोई रैली नहीं की। यहां से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास भी मैदान में है। मगर प्रियंका इससे ज्यादा आरएसएस की गतिविधियों से ज्यादा बेचैन हैं।
उनका मानना है कि इससे भाजपा की उम्मीदवार स्मृति ईरानी को फायदा हो सकता है। इसलिए अमेठी और रायबरेली में सोनिया और राहुल के लिए लंबे समय से काम करने वाले किशोरी लाल शर्मा को फिर चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मनोज मट्टू को भी फिर बुलाया गया है। इससे पहले राहुल का चुनावी प्रबंधन संभाल रहे चंद्रकांत दुबे को दूसरे काम सौंपे गए है। प्रियंका के कार्यक्रमों के अलावा ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने के उनके कार्यक्रम को बनाया जा रहा है।
किशोरी लाल शर्मा को कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव बना दिया गया था। इसके चलते वह काफी समय से संसदीय क्षेत्र में नहीं रहे थे। साथ ही मनोट मट्टू भी अलग हो गए थे। साथ ही कई पुराने कार्यकर्त्ताओं को फिर पार्टी से जोड़ा गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक प्रियंका ने राहुल और कुछ वरिष्ठ नेताओं को कहा है कि अमेठी में आरएसएस की गतिवधियों काफी तेज हो गई है। साथ ही पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे फैक्टर भी रायबरेली और अमेठी में काम कर रहे हैं।