फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   privilege motion against hrd minister smriti zubin irani

स्मृति के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

Sun, 28 Feb 2016 06:02 AM IST
Updated Sun, 28 Feb 2016 06:02 AM IST
विज्ञापन
privilege motion against hrd minister smriti zubin irani

कांग्रेस ने मानव संसाधान मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का एलान किया है। पार्टी का आरोप है कि मंत्री ने हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में सदन को गुमराह किया है।

विज्ञापन


पार्टी दलित उत्पीड़न के मुद्दे को जिन्दा रखना चाहती है। सदन में इस मुद्दे पर स्मृति ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया था। अब पलटवार करते हुए कांग्रेस उन्हें घेरना चाहती है।
विज्ञापन


कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने कहा कि स्मृति ने 24 फरवरी को नाटकीय अंदाज में भाषण देते हुए पूरे देश को गुमराह किया। रोहित वेमुला की मां ने स्मृति के दावे को चुनौती दी है। रोहित की मां राधिका वेमुला ने मंत्री से सवाल किया है कि उन्होंने किस आधार पर उनके बेटे को देशद्रोही कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

'रोहित के परिवार के जख्मों पर नमक छिड़का'

privilege motion against hrd minister smriti zubin irani

आरोप है कि मंत्री ने एक पत्र लिखा जिसमें रोहित और अन्य दलित छात्रों को देशद्रोही कहा गया था। रोहित के दलित होने पर भी सवाल खड़े किए। वासनिक ने कहा कि मंत्री ने संसद में अपने भाषण से रोहित के परिवार के जख्मों पर नमक छिड़का है।

मानव संसाधन मंत्री ने कहा था कि रोहित की आत्महत्या के बाद दूसरे दिन तक डाक्टर नहीं पहुंचे। जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालय में सेंट्रल चीफ मेडिकल अफसर ने कहा वह घटना जानकारी मिलते ही 3 से 4 मिनट के अंदर उसी दिन शाम को रोहित के कमरे में पहुंची थी।

स्मृति ने कहा था कि दूसरे दिन तक पुलिस नहीं पहुंची थी। जबकि रोहित के भाई ने कहा है कि जब वह शाम को साढ़े आठ बजे रोहित के कमरे में पहुंचे तब वहां डाक्टर और पुलिस थी।

मुकुल वासनिक ने कहा कि स्मृति के मंत्रालय के अधिकारी ने वाइस चांसलर को लिखा जिसमें रोहित और अन्य दलित छात्रों को देशद्रोही कहा गया। स्मृति ने कहा कि जांच कमेटी प्रोक्टोरियल बोर्ड में दलित प्रतिनिधि थे। लेकिन प्रोक्टोरियल बोर्ड ने नहीं बल्कि कार्यकारी परिषद ने रोहित को निलंबित किया था और उस परिषद में कोई दलित प्रतिनिधि नहीं थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed