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पद संभालते ही मोइली ने तय कीं प्राथमिकताएं

Mon, 29 Oct 2012 11:23 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 29 Oct 2012 11:23 PM IST
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 Priorities formulated soon after taking office by  Moily

वीरप्पा मोइली ने पेट्रोलियम मंत्री का कार्यभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर दी है। उनकी प्राथमिकता घरेलू क्षेत्र में तेल और गैस की खोज को तेज करना है ताकि ईंधन आपूर्ति के लिए आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि महंगे तेल के आयात से मुद्रास्फीति पर दबाव बना हुआ है।

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मोइली ने पेट्रोलियम क्षेत्र में जल्द फैसले लेने और निवेश के  लिए उचित माहौल बनाने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि मेरा जोर खासतौर पर तुरंत फैसला करने और नवोन्मेष पर होगा। फैसले लेने में देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसकी कीमत देश को चुकानी पड़ती है।
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तेल एवं गैस क्षेत्र में कुल 50 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया जा सकता है। इसलिए मंत्रालय की प्राथमिकता निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होगा। निर्णय किसी व्यक्ति या कंपनियों के लिए नहीं बल्कि देशहित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।
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जयपाल रेड्डी को निजी कंपनी के दबाव में हटाए जाने की खबरों को खारिज करते हुए मोइली ने उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि रेड्डी ने अपने कार्यकाल में बेहतर काम किया है और सर्वोच्च मानदंडों को बनाए रखा है। मोइली के पदभार संभालने वक्त खुद जयपाल रेड्डी मौजूद नहीं थे। पेट्रोलियम राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने इस औपचारिकता को पूरा किया। माना जा रहा है कि पेट्रोलियम मंत्री की कुर्सी छिनने से जयपाल रेड्डी नाराज हैं।

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