'मन की बात' में क्या बोले पीएम मोदी, आपने सुना?
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12 वीं बार अपने मन की बात की और लोगों से अपील भी की कि हमें दीपावली पर मिट्टी के दिए जलाए जाएं। उन्होंने कहा कि जब बीते साल अक्टूबर में खादी के उपयोग की बात कही थी जिसके फलस्वरुप उसकी बिक्री दोगुना हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार फिर अपील की है कि सभी को दीपावली में खादी और हैण्डलूम के कपड़ों की खरीददारी करें। पीएम मोदी ने कहा उनके पास मन की बात के लिए देश के कोने से पत्र आते हैं और लाखों की संख्या में लोग सक्रिय होकर मुझे सुझाव देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान के बाद लोगों को गंदगी से नफरत हो गई है। उन्होंने कहा कि गांधी जी भी आजादी से पहले स्वच्छता के हिमायती थे। उन्होंने कहा कि उन्हें मन की बात से बहुत कुछ सीखने को भी मिला।
रुचि बढ़ानी होगी
उन्होंने कहा कि मन की बात में एक नए प्रयोग के तहत लोगों से फोनकॉल के द्वारा उनकी राय मांगी गई, जिसमें देश के हर कोने से फोन कॉल्स आए, जिनकी संख्या लगभग 55,000 के करीब रही।
पीएम मोदी ने कहा कि वे इस बात से हैरान हैं कि 90 प्रतिशत से ज्यादा फोन कॉल्स सकारात्मक, सृजनात्मक, सुझावात्मक हैं वहीं 1 से 2 प्रतिशत फोन कॉल्स में गंभीर शिकायते भी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारें समाज से जितना जुड़ कर चलेंगी उतना ही परिवर्तन होगा। पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो बच्चों क्षितिज पांडे और सोनम पटेल की तारीफ की और कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में हमें रुचि बढ़ानी होगी।
मेरी आलोचना होती है
पीएम मोदी ने कहा कि अगले माह उनसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस का परिवार मिलने आ रहा है। पूरे परिवार से 50 लोग आएंगे जो विभिन्न देशों में रहते हैं। उन्हें उनका स्वागत करने में बड़ी खुशी हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि संसद में मेरी आलोचना होती है और वो आलोचना गलत नहीं हैं। उन्होंने 1965 भारत पाक जंग पर लगी प्रदर्शनी के बार में कहा कि वो वहां आधे घंटे के लिए गए थे, लेकिन वो वहां तीन घंटे तक रुक गए।
उन्होंने कहा कि सभी को वहां जाकर प्रदर्शनी देखनी चाहिए।