खादी पर मोदी का दावा गलत, केवल 6% बढ़ी बिक्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले 'मन की बात' कार्यक्रम की शुरुआत लोगों से इस अपील के साथ की थी कि वो खादी का कोई सामान अवश्य प्रयोग में लगाएं ताकि देश के उस वर्ग तक भी खुशहाली पहुंचे जिससे वो अभी दूर है।
जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर अमल भी किया और खादी की बिक्री बढ़ी भी लेकिन दोगुना नहीं बल्कि केवल 6 प्रतिशत। आपको याद होगा हाल ही में पीएम मोदी ने अपने मन की बात में कहा था कि 'मैं बहुत खुश हूं कि खादी की बिक्री दोगुना हो गई है'।
लेकिन आंकड़े प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात से जुदा है। http://www.indiaspend.com/ ने अपनी वेबसाइट पर खादी की बिक्री और उत्पादन से जुड़े तीन वर्ष के कुल प्रतिशत के आंकड़े और राज्यवार आंकड़े प्रकाशित किए हैं।
ये है सही आंकड़ा!
वेबसाइट के मुताबिक वर्ष 2012-13 में खादी की बिक्री 1021.56 करोड़ रुपए की हुई थी, वहीं 2013-14 में यह बिक्री बढ़ कर 1081.04 करोड़ रुपए हो गई।
वहीं वर्ष 2014-15 में कुल बिक्री 1144.9 करोड़ रुपए हुई, जिसमें बीते साल से 5.91 प्रतिशत का ही इजाफा हुआ। ये आंकड़े सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने द्वारा जारी किए गए हैं, जिसमें 2014-15 के आंकड़े अनंतिम हैं।
वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक साल 2011-12 में देश भर में 761.93 करोड़ रुपए का खादी उत्पादन हुआ, वहीं 2012-13 में 811.08 करोड़ रुपए का खादी सामग्री का उत्पादन हुआ।
2014-15 में अभी तक 870.29 करोड़ रुपए का उत्पादन हो चुका है। वेबसाइट के मुताबिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने खादी के बिक्री के दोगुना होने संबंधी एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की थी, जिसमें खादी की बिक्री में 60 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की बात कही गई थी।