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न्यूज राउंडअप: दिनभर की बड़ी खबरें, पढ़ लें बस पांच मिनट में

Thu, 21 Jan 2016 10:12 PM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:12 PM IST
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हैदराबाद युनिवर्सिटी ने अपना वह फैसला तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है जिसमें पीएचडी के पांच छात्रों को निष्काषित किया गया था। इनमें रोहित भी शामिल था। युनिवर्सिटी की ओर से जारी बयान में छात्रों से यह भी अपील किया गया कि वे परिसर में शांति बनाए रखें।

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गौरतलब है कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने पांच छात्रों को एबीवीपी के एक नेता के साथ मारपीट करने के आरोप में निष्काषित कर दिया था। इस विवाद ने उस वक्त बड़ा रूख अख्तियार कर लिया जब उन निष्काषित छात्रों में से एक रोहित वेमुला ने रविवार को आत्महत्या कर ली। रोहित के आत्महत्या के बाद सभी दलित संगठन और राजनीतिक पार्टिओं की नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करने लगे।

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रोहित के आत्महत्या के विरोध में गुरुवार को युनिवर्सिटी के 10 दलित अध्यापकों समेत 13 लोगों ने इस्तीफा भी दे दिया। उनका यह इस्तीफा बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के दिए बयान के बाद आया। जिसके बाद विश्वविद्यालय के कई एसी/एसटी अध्यापकों ने सभी प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
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उनका यह फैसला उन पांच दलित छात्रों के समर्थन में किया है जिन्हें विश्वविद्यालय ने निष्काषित कर दिया था। उनमें से एक छात्र रोहित वेमुला ने रविवार को अपने हॉस्टक के कमरे में खुदकुशी कर ली थी। हैदराबाद विश्वविद्यालय के एससी/एसटी अध्यापक और अधिकारी फोरम ने स्मृति ईरानी के बयान की निंदा भी की। उन्होंने ईरानी पर इस मामले में देश को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

फोरम के सदस्यों ने कहा, 'रोहित वेमुला की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दलित छात्रों का हम समर्थन करते हैं और यह मांग करते हैं कि पुलिस ने उन लोगों जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है उसे तुरंत हटाया जाए।'

पहली एलजीबीटी टैक्सी सेवा की शुरूआत मुंबई में

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शिल्पा को अब गाने, नाचने या फिर भीख मांगने की जरूरत नहीं है। संजीवनी को अब वैश्यावृत्ति में नहीं जाना होगा और अंकित को भी ऐसा कोई काम करने की जरूरत नहीं होगी। शिल्पा, संजीवनी और अंकित जो भारत की ट्रांसजेंडर और समलैंगिक समुदाय के हैं। उन्हें अब अपना जीवन बिताने के लिए एक सम्मानजनक रास्ता मिल गया है। मुंबई में देश की पहली एलजीबीटी टैक्सी सेवा की शुरूआत हुई है। मेनस्ट्रीम ट्रवेल कंपनी ने इसकी शुरूआत की है। कंपनी ने इस खास वर्ग के लोगों को ऊपर उठाने के लिए ये कदम उठाया है।

इस कार्यक्रम के जरिए कानूनी तौर पर ऐसे लोगों को सम्मानजनक आजीविका के लिए वास्तविक अवसर प्रदान करने की कोशिश की गई है। इसके जरिए इस समुदाय के पांच सदस्यों को रेडियो कैब ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। 6 महीने की ट्रेनिंग के जरिए इन्हें गाड़ी चलाने और बातचीत का अंदाज अच्छे रवैये को सिखाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद इन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिए जाएंगे। विंग्स रेनबो के मुताबिक इसमें एक साल वक्त लग सकता है।

'जाति पर विवाद पैदा कर रही हैं स्मृति'

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रोहित वेमुला आत्महत्या मामले में नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम मे आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी निष्काषित किए गए छात्रों के समर्थन में हैदाराबाद युनिवर्सिटी पहुंचे। यहां पर उन्होंने छात्रों और रोहित के परिवारीजनों से मुलाकात की।

यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रोहित के आत्महत्या के मामले में स्मृति ईरानी को ठोस कदम उठाने चाहिए। मानव संसाधन विकास मंत्री होने के नाते यह उनका फर्ज बनता है कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाए। उन्होंने हैदराबाद युनिवर्सिटी के उप-कुलपति को तुरंत हटाने की भी मांग की। केजरीवाल ने ईरानी पर हमला करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में 'उग्रवादी, जातिवादी और राष्ट्र विरोधी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

केजरीवाल ने कहा की स्मृति ईरानी एक के बाद एक झूठ बोलती जा रही हैं। वो रोहित के आत्महत्या के मामले को विवादित बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडर के विचारों की बात करना कभी भी राष्ट्रविरोधी नहीं हो सकता। उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे हिंदू के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं और इसका राजनीतिक लाभ उठाते हैं। केजरीवाल ने कहा कि पूरा देश इस मामले को देख रहा है और जनता इसके लिए कभी केंद्र में बैठे लोगों को माफ नहीं करेगी। इससे पहले कई दलों के राजनेता भी हैदराबाद युनिवर्सिटी पहुचंकर रोहित के परिवार से मिल चुके हैं।

झूठ छिपाने के लिए स्मृति ने 3 झूठ बोले

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हैदराबाद में छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में हंगामा जारी है। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक झूठ छिपाने के लिए तीन झूठ बोले हैं। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्मृति ईरानी द्वारा एक दिन पहले की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही बातों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने देश को गुमराह किया है। कांग्रेस के मुताबिक स्मृति ईरानी ने रोहित वेमुला और दूसरे छात्रों के साथ की गई बदसलूकी को सही ठहराया।

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्मृति ईरानी को बर्खास्त करने की मांग की है। स्मृति के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की भी बर्खास्तगी की मांग की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति को भी हटाने की मांग कांग्रेस ने की है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। कांग्रेस ने मोदी सरकार को दलित विरोधी करार दिया है। हैदराबाद विश्वविद्यालय में 5 छात्रों पर कार्रवाई से उनकी मानसिकता का पता चलता है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से रोहित के परिवार को नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने के लिए कहा है।

पाक क्रिकेटर ने बीसीसीआई से मांगी मदद

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पाकिस्तान के लिए 79 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले टेस्ट क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से एक भावुक अपील करते हुए उससे मदद की गुहार लगाई है। स्पॉट फिक्सिंग के कारण आजीवन प्रतिबंध झेल रहे लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से आर्थिक मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि वह निर्दोष हैं और वह एक मौका चाहते हैं खुद को पाकसाफ साबित करने के लिए। वह चाहते हैं कि बीसीसीआई इस मामले में उनकी मदद करे।

कनेरिया मानते हैं कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बची है और बीसीसीआई उनकी मदद कर सकती है और उनकी जान बचा सकती है। साथ ही भारतीय बोर्ड उनके मामले को आईसीसी में ले जाए। उन्होंने खुद पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटाने के लिए 3 बार प्रयास किया लेकिन तीनों ही बार फैसला उनके खिलाफ गया। कनेरिया पर इंग्लिश काउंटी में एसेक्स के लिए खेलते हुए मैच फिक्सिंग करने का आरोप है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद कनेरिया पर पाक क्रिकेट बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।

पूर्व पाक स्पिनर दानिश कनेरिया ने कहा, "मैं अपनी आखिरी बचत पर जी रहा हूं। मैं नहीं जानता कि कहां तक जी पाऊंगा। मैं भारत के युवा खिलाड़ियों को स्पिन के गुर सिखा सकता हूं। क्या मैं यह नहीं कर सकता। वे मुझे फोन क्यों नहीं कर सकते। मैं उन्हीं में से एक हूं। मेरे लिए पाकिस्तान में कुछ भी नहीं बचा है। मुझे ऐसा लगता है कि पीसीबी में मेरी अपील सुनने के लिए कोई नहीं बचा है। मैं मर रहा हूं।"

35 साल के इस प्रतिबंधित गेंदबाज ने कहा कि सच्चाई यह है कि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हैं इस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, "मैं एक हिंदू हूं जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यक है। इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने जब मुझ पर स्पॉट फिक्सिंग का चार्ज लगाया तो मैंने उसे मानने से इंकार कर दिया। मैं चाहता हूं कि इसकी सुनवाई हो लेकिन अब यह बेहद मुश्किल हो गया है।"

कनेरिया ने 5 साल का प्रतिबंध झेलने के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर से खुद की तुलना भी की। उन्होंने कहा, "स्कॉटलैंड यार्ड ने मेरे खिलाफ कोई सबूत पाया, जबकि ईसीबी ने एक क्रिकेटर के अपने अपराध को स्वीकार करने के आधार पर यह सब कुछ किया। अब देखिए, पीसीबी खुद आमिर का केस देख रही है। और मेरे बारे में क्या? यह सरासर गलत है?"

कनेरिया 10 साल तक पाक क्रिकेट टीम से जुड़े रहे। दिसंबर 2010 में डेब्यू करते हुए उन्होंने करियर में 61 टेस्ट और 18 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 261 टेस्ट विकेट और 15 वनडे विकेट लिए हैं। दानिश टेस्ट में 2 बार 10-10 विकेट, 15 बार 5-5 विकेट और 8 बार 4-4 विकेट ले चुके हैं।

बार्कलेज बैंक सैंकड़ो लोगों को नौकरी से निकालेगा

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बार्कलेज बैंक में काम करने वाले लोगों के लिए बुरी खबर है। निवेश बैकिंग के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। बार्कलेज बैंक के नए सीईओ जेस स्टेले ने घोषणा करते हुए कहा कि एशिया से केस इक्विटी का कारोबार समेटने के कारण यह फैसला लिया गया है।

बार्कलेज बैंक आगे भी ऑस्‍ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, रूस, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड में अपना निवेश बैंकिंग के कारोबार को समेटने की योजना बना रहा है। यह वो बाजार है जो बार्कलेज के लिए प्रमुख बाजार का काम करते हैं।  

बार्कलेज बैंक के हांगकांग के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है। आपको बताते चले कि यूरोप के 10 बड़े बैंक 130,000 नौकरियों की कटौती करने की घोषणा कर चुका है। इन बैंकों के प्रमुखों का कहना है कि वो उन बाजारों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जहां पर ज्यादा फायदा हो।

बैंक प्रमुखों का कहना है कि ग्लोबल इक्विटी और कमोडिटी बाजार में घटते फायदे के चलते बैंकों का नौकरियां घटाने का फैसला करना पड़ रहा है। एशिया पैसिफिक क्षेत्र में हुई बैठक के बाद लंदन में स्थित बैंक के हेडक्वार्टर में नौकरियों में छटंनी करने की घोषणा की है। ‌‌

अभी यह नहीं पता चल पाया कि कुल कितने लोगों को बार्कलेज ने नौकरी से निकाला है। पर सूत्रों की माने तो कुल 450 लोगों को नौकरी से निकाला गया है। इससे  पहल फायनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट किया था कि बार्कलेज करीब 1000 लोगों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है।

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