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राज्यसभा के 58 सदस्यों ने सभापति हामिद अंसारी के समक्ष गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए नोटिस दिया है। सदस्यों ने सभापति से मांग की कि हार्दिक पटेल मामले में आरक्षण के खिलाफ कथित ‘असंवैधानिक’ टिप्पणियों के लिए न्यायाधीश जेबी पारदीवाला के खिलाफ महाभियोग चलाया जाए।
सांसदों ने आरोप लगाया कि हार्दिक पटेल के खिलाफ एक मामले में न्यायमूर्ति पारदीवाला ने फैसला देते हुए कहा- दो चीजों ने ‘देश को बर्बाद कर दिया है या उसे सही दिशा में आगे नहीं बढ़ने दिया- पहला आरक्षण और दूसरा भ्रष्टाचार।’
याचिका के अनुसार न्यायाधीश ने यह भी कहा, ‘जब हमारा संविधान बनाया गया था तब समझा गया था कि आरक्षण 10 साल के लिए रहेगा, लेकिन दुर्भाग्य से, यह स्वतंत्रता के 65 साल बाद भी जारी है।’’
सांसदों ने कहा कि यह तकलीफदेह है कि न्यायमूर्ति अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए नीति के संबंध में संवैधानिक प्रावधान से अनभिज्ञ हैं।
होगी नाबालिग दोषी की रिहाई
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्भया कांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि इस मामले में दोषी नाबालिग दोषी की रिहाई पर रोक लगाने से इंकार किया है।
बताते चलें कि इस फैसले के बाद नाबालिग दोषी आगामी 20 दिसंबर को रिहा हो जाएगा। हालांकि इस फैसले के बाद निर्भया की मां ने सर्वोच्च न्यायालय जाने की बात कही है।
अदालत के फैसले से निराश निर्भया की मां ने कहा है कि हमारे प्रयासों के बावजूद नाबालिग दोषी को रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि वे निर्भया इंसाफ दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगी।
केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली उच्च न्यायालय में दी गई याचिका पर सुनावई करते हुए न्यायालय ने कहा कि नाबालिग दोषी की सजा खत्म हो रही है और कानूनन उसे बाल सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता है।
नाबालिग के संबंध में केंद्र सरकार को खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि इसम मामले में नाबालिग दोषी आंतकियों के संपर्क में है और यदि वह रिहा हो जाता है को आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकता है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए यह भी कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड करेगा।
सोनिया-राहुल की शनिवार को पेशी
कल यानी 19 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नेशनल हेराल्ड मामले में पेशी होनी है। इस मामले में अब भी दोनों ने बेल बॉण्ड नहीं भरा है, जिस पर यह संशय बरकरार है कि दोनों जेल जाएंगे अथवा जमानत लेंगे।
इस मामले पर सोनिया गांधी ने भी किसी प्रकार की टिप्पणी से इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दूबे, मोती लाल वोरा, जॉर्ज फर्नांडिस, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया लिमिटेड आरोपी हैं। सभी को ट्रायल कोर्ट की ओर से समन जारी किया गया है।
इन सभी लोगों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से दर्ज की गई शिकायत के आधार पर अदालत ने समन जारी किया है।
स्वामी का आरोप है कि कांग्रेस के नेताओं ने धोखाधड़ी की है और यंग इंडिया लिमिटेड ने सिर्फ 50 लाख रुपयों में ही 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का जो उपाय खोजा है वो नियमों के खिलाफ है।
यूपी में पॉलीथीन के इस्तेमाल पर रोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता नें शुक्रवार को यूपी कैबिनेट की बैठक एनेक्सी में हुई। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला लिया गया है कि उत्तर प्रदेश में पॉलीथीन पर बैग लगाया जाएगा।
इस रोक के बाद अगर कोई पॉलीथीन का इस्तेमाल करेगा तो उसे 6 माह की सजा और पांच लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। यूपी में पॉलीथीन पर यह बैन पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 के प्रावधानों के तहत लागू होगा। इस आदेश का असर समारोहों पर भी पड़ने वाला है।
इस आदेश के अंतर्गत समारोहों में प्लास्टिक चम्मच आदि के इस्तेमाल पर भी बैन होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि सरकार यूपी नें पॉलीथीन पूर्णतया बैन करने जा रही है। पर्यावरण के बिगड़ते हालात देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी है।
'आप' ने जेटली से मांगे पांच सवालों के जवाब
आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर आरोपों और हमलों का दौर जारी रखा है। 'आप' के आशुतोष ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कोटला के कार्पोरेट बॉक्स, भाजपा नेता कीर्ति आजाद के खुलासे और विशेष कंपनियों को ठेके दिए जाने पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि जेटली को यह बताना चाहिए कि 21 सेंचुरी कंपनी किसकी है, जिससे कार्पोरेट बॉक्स निर्मित कराए गए हैं?
उन्होंने दूसरा सवाल पूछा कि ONGC से हॉकी इंडिया को पैसा दिलाना भ्रष्टाचार है या नहीं? हॉकी इंडिया से जेटली का क्या रिश्ता है? तीसरा सवाल था कि '57 करोड़ किन कंपनियों को दिए गए? इन कंपनियों से अरुण जेटली के क्या संबंध है? चौथा सवाल पूछा कि 9 कंपनियां फर्जी थी या नहीं? अगर फर्जी थी तो क्या कदम उठाए गए थे?
पांचवे सवाल में उन्होंने पूछा कि छोटी-छोटी गड़बड़ियों को क्यों छिपाया गया? आशुतोष ने यह भी कहा कि जेटली झूठ बोल रहे हैं। उन्हें इन आरोपों पर जेटली के पक्ष का इंतजार है।
केजरीवाल का सरकार पर नया आरोप
बीते कुछ दिनों से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की लड़ाई लड़ रहे केंद्र और दिल्ली की सरकार की मुंहजबानी लड़ाई आज भी जारी रही।
A CBI officer told me yest that CBI has been asked to target all opp parties n finish those who don't fall in line https://t.co/CU5FoTtPq5
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) 18-दिसंबर-2015
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि एक सीबीआई अधिकारी ने उन्हें बताया है कि सीबीआई को सभी विपक्षी दलों पर अपना निशाना साधने को कहा गया है।
अपने एक और ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने सुकेश रंजन के ट्वीट को रिट्वीट कर के पूछा क्या यह सच है? दरअसर सुकेश रंजन नाम के ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया कि 'पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर मंत्रियों की बैठक थी, जिसमें अरुण जेटली नहीं गए थे। व्यस्त थे अथवा नाराज थे'?
Oh! Is this true? https://t.co/mbhAj4N9cW
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) 18-दिसंबर-2015
इतना ही नहीं केजरीवाल ने एक और ट्वीट कर के एक अंग्रेजी चैनल के एंकर और जेटली के रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए।
Arnab ought to answer this. What is Arnab's relationship wid Jaitley ji? https://t.co/VdmSx6P60p
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) 18-दिसंबर-2015
पत्नी के साथ आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे अखिलेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक हो गई। एक कार्यक्रम से लौट कर आए अखिलेश विधानसभा की लिफ्ट में फंस गए थे। इस दौरान उनके साथ डिम्पल यादव भी थी।
अखिलेश सपत्नीक करीब आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे थे। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, तुरंत हड़कंप मच गया। उसके बाद लिफ्ट को काटकर उन्हें निकाला गया।
दरअसल, सीएम अखिलेश यादव और उनकी पत्नी बाल संसद के एक कार्यक्रम से लौट कर आए और लिफ्ट में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ही ऑक्सीजन के एंबुलेंस भी मंगवाई घई। इस दुर्घटना के वक्त कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। जिस लिफ्ट में अखिलेश फंसे थे, वो वीआईपी लिफ्ट थी।
इस घटना के बाद अधिशाषी अभियंता, एई और जेई को निलंबित करने के आदेश दे दिए गए है। खुद सीएम अखिलेश ने भी ट्वीट किया कि लापरवाह लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Got stuck in a lift in Vidhan Sabha for a while. Safe and sound now, by God's grace & good wishes of well-wishers- #UPCM @yadavakhilesh 1/2
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) 18-दिसंबर-2015