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अब प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर अड़ी भाजपा
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2013 08:51 PM IST
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भ्रष्टाचार पर दो मंत्रियों (पवन कुमार बंसल, अश्वनी कुमार) की छुट्टी से उत्साहित भाजपा ने अब आक्रामक तेवरों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सीधे निशाने पर ले लिया है।
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भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि पीएम के पास इस्तीफे के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचा है। यूपीए सरकार के खिलाफ संसद से शुरू सियासी जंग को भाजपा अब सड़कों और जनता के दरबार तक ले जा रही है।
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इसके लिए पार्टी 27 मई से दो जून तक देशव्यापी जेल भरो आंदोलन करेगी। इस दौरान पंचायतें कर यूपीए सरकार की कारगुजारियां जनता को बताई जाएंगी।
आंदोलन का ऐलान करते हुए राजनाथ ने कहा कि भाजपा संसद की लड़ाई लड़ चुकी है और अब इसे जनता के बीच ले जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास चुनाव के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है क्योंकि वह विश्वसनीयता खो चुकी है। जनता भी चाहती है कि यह सरकार जाए और दूसरी आए।
राजनाथ ने कहा कि 2014 में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ही बनेगी। उत्तराखंड, हिमाचल के बाद कर्नाटक की हार पर उन्होंने कहा कि जब कभी लंबी छलांग लगानी होती है तो कुछ कदम पीछे खींचने ही होते हैं।
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राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री को आत्म निरीक्षण करना चाहिए। यदि वे ऐसा करेंगे तो उनके पास इस्तीफा ही रास्ता बचेगा। इस्तीफे का दबाव बढ़ाते हुए वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने को कोई तक नहीं है, उन्हें अब निश्चित तौर पर इस्तीफा देना चाहिए।
बहरहाल, पवन बंसल और अश्वनी कुमार की विदाई को भाजपा अपनी जीत के तौर पर ले रही है, और संसद के गतिरोध का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ने में जुट गई है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि दो मंत्रियों के इस्तीफे से साबित हो गया है कि भाजपा की मांग सही थी और सरकार बेवजह जिद पर डटी थी।
जबकि राजनाथ ने कहा कि यदि मंत्रियों को पहले ही हटा लिया जाता तो संसद भी चलती और खाद्य सुरक्षा व भूमि अधिग्रहण जैसा महत्वपूर्ण बिल भी पारित होते।