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पीएम उम्मीदवारी पर कांग्रेस ने मारी बाजी

Sun, 08 Sep 2013 08:59 AM IST
अवनीश पाठक
अवनीश पाठक Updated Sun, 08 Sep 2013 08:59 AM IST
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भाजपा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम पर अब तक गफलत में है, लेकिन मनमोहन सिंह ने कांगेस की ओर पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम उछाल दिया है।

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जी-20 देशों के सम्मेलन से लौटते हुए विशेष विमान में उन्होंने कहा है कि 2014 लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के लिए आदर्श विकल्प हैं।

तीसरे कार्यकाल को लेकर उठ रहे सवालों को ठंडे बस्ते में डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस में काम करने में मुझे खुशी होगी।'
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मनमोहन सिंह का ये बयान ठीक उसी समय आया, जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी नकली लाल किले से शिवराज सिंह चौहान और डॉ रमण सिंह समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तारीफ कर रहे थे। पहली बार उनके भाषण से गुजरात नदारद था, केवल भाजपा और भाजपा शासित राज्यों की बात हो रही थी।
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..तो क्या राहुल की उम्मीदवारी तय

कांग्रेस के कई नेता पीएम उम्मीदवार के रूप में राहुल गांधी का नाम पहले भी उछालते रहे हैं, लेकिन ये पहली बार है कि मनमोहन सिंह ने 2014 लोकसभा चुनाव के बाद तीसरी बार पीएम न बनने और राहुल गांधी के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई है।

2004 में कांग्रेस ने सोनिया के नेतृत्व में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा था, जबकि 2009 के चुनाव में कांग्रेस मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनावों में उतरी थी।

सोनिया ने कांग्रेस मुख्यालय में मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। अब 2014 लोकसभा चुनाव के पहले मनमोहन सिंह ने उनके बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के वकालत की है।

मनमोहन के बयान के बाद कांग्रेस में 'सत्ता के दो ध्रुवों' की बहस को तो विराम लगा है, सोनिया के लिए भी राहत भरी स्थिति है। राहुल गांधी की उम्मीदवारी की घोषणा बतौर कांग्रेस अध्यक्षा अब उन्हें खुद नहीं करनी पड़ेगी।

क्या भाजपा में घमसान ही मचा रहेगा

मनमोहन के बयान के बाद कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की तस्वीर साफ हुई है लेकिन भाजपा में अब भी घमासान की स्थिति है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोकसभा चुनाव से पहले पीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं चाहते। भाजपा के कई दूसरे नेता भी बगैर पीएम उम्मीदवार ही लोकसभा चुनाव में जाना चाहते हैं।


हाल ही में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखते। ये बयान संभवतः पीएम पद पर मचे घमासान का ही नतीजा रहा होगा।

हालांकि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से नकली लाल किले से दिए भाषण में नरेंद्र मोदी ने न केवल शिवराज सिंह चौहान और डॉ रमण सिंह समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तारीफ की, बल्कि आज उनके भाषण से गुजरात और उसके विकास के किस्से नदारद थे।

मोदी केवल भाजपा और भाजपा शासित राज्यों की बात कर रहे थे। भाजपा में प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर मचे घमासान को खत्म करने की उनकी संभवतः ये पहली सार्वजनिक कोशिश थी।

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