मोदी ने पूछा, भुजंग प्रसाद कौन और चंदन कुमार कौन?
गया की रैली में मोदी ने कहा कि बिहार में बिजली की खपत सबसे कम है। बिहार में तकनीकी शिक्षा की हालत खराब है। 17 से 20 साल के 80 लाख नौजवान बिहार में हैं, इन नौजवानों के मां-बाप का सपना है कि इन बच्चों को इंजीनियरिंग करने को मिले, लेकिन बिहार में इंजीनियरिंग की 25,000 सीटें हैं। मोदी ने कहा कि हिमाचल में इंजीनियरिंग की 24 हजार सीटें हैं, उड़ीसा जैसे प्रदेश में इंजीनियरिंग करने के लिए एक लाख 13 हजार से ज्यादा सीटें हैं।
मोदी ने कहा कि पंजाब में एक लाख इंजीनियरिंग की सीटें हैं, जबकि पंजाब बिहार का एक चौथाई भी नहीं है। मोदी ने कहा कि बिहार की इस हालत के लिए 25 सालों को जंगलराज जिम्मेदार है।
प्रधाानमंत्री ने कहा कि हर वर्ष 4-5 लाख नौजवान बिहार छोड़कर कहीं न कहीं पढ़ने के लिए जाते हैं, हर बच्चे की पढ़ाई पर कम से कम एक लाख रुपए खर्च होता है। उन्होंने कहा कि इससे हर साल कम से कम चार हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है।
'भुजंग प्रसाद कौन है और चंदन कुमार कौन'
गया की परिवर्तन रैली में मोदी ने कहा कि आज हिंदुस्तान का शायद ही कोई ऐसा राज्य होगा, जहां बिहार का नौजवान आईएएस या आईपीएस बनकर नहीं बैठा है।
मोदी ने कहा कि मुझे नहीं पता चल रहा कि बिहार में भुजंग प्रसाद कौन है और चंदन कुमार कौन है, लेकिन इतना जरूर पता है कि चुनाव के बाद ये गठबंधन जहर उगलेगा, जिससे जंगलराज की भी वापसी होगी और जहरीला वातावरण बन जाएगा।
मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान भी बीमारू राज्य में थे, लेकिन वे आज बीमारू राज्य नहीं रह गए। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने 10 सालों में ऐसा काम कर दिया। मध्य प्रदेश को भाजपा ने बीमारू राज्य से बाहर निकाला। बिहार को भी बीमारू राज्य की श्रेणी से भी भाजपा ही निकाल सकती है।
मोदी ने कहा कि मैं एशिया के जिन-जिन मुल्कों में गया, उन देशों के नेताओं ने कहा उनकी एक ही इच्छा है कि वे बोध गया का दर्शन करें। लेकिन गया में पर्यटन का विकास ही नहीं किया गया। मोदी ने कहा कि गया में पर्यटन का विकास होगा तो हर किसी को रोजगार मिलेगा। गया में पितृ तर्पण के लिए करोड़ों लोग तैयार बैठे हैं, लेकिन यहां के समाचार सुनकर वह नहीं आते। मोदी ने कहा कि यदि जंगलराज पार्ट 2 आया तो सब बर्बाद हो जाएगा। जंगलराज पार्ट वन में जेल का अनुभव नहीं था, जंगलराज पार्ट 2 में जेल का अनुभव बढ़ गया है।
मोदी ने गया कि रैली में भी दोहराया कि आरजेडी का मतलब होता है रोजाना जंगलराज का डर। जदयू का विस्तार करते हुए उन्होंने कहा का जेडीयू का मतलब है जनता का दमन और उत्पीड़न।
'हवा का रुख का मुझे पता चल रहा है'
नीतीश कुमार के गढ़ गया में हो रही परिवर्तन रैली में भाजपा अच्छी-खासी भीड़ जुटाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने में कामयाब रही है। भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार में हवा के रुख का पता चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं गया लोकसभा चुनाव में भी आया था, इसी मैदान में आयाहवा का रुख का मुझे पता चल रहा है था, उस सभा में इससे आधे लोग भी नहीं आए थे। आज उससे दुगने से ज्यादा लोग आए हैं, हवा का रुख का मुझे पता चल रहा है।'
मोदी ने कहा कि बिहार की जनता ने दो निर्णय कर लिए हैं, एक निर्णय नया बिहार बनाने का है और दूसरा निर्णय परिवर्तन का। 25 साल से जिनके जुल्म, अहंकार और धोखाधड़ी को बिहार की जनता ने झेला है, ये चुनाव उससे मुक्ति का पर्व बनने वाला है।
मोदी ने कहा आने वाला चुनाव जंगलराज से मुक्ति का चुनाव बनने वाला है। उन्होंने कहा कि आज भी सांस्कृतिक चर्चा की शुरुआत बिहार से होती है। बिहार जैसी पवित्र भूमि के सपनों को सत्ता के नशे में बैठे लोगों ने चूर-चूर कर दिया।
पासवान ने मोदी को बताया कृष्ण
गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी परिवर्तन रैली हुई। पखवाड़े भर पहले मुजफ्फरपुर में रैली कर उन्होंने बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा की दावेदारी का शंखनाद किया था।
गांधी मैदान में हुई रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री और सहयोगी दलों के नेता मौजूद हुए। केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी की तुलना कृष्ण से की।
उन्होंने कहा कि द्वारका से नरेंद्र मोदी और अमित शाह कृष्ण और बलराम बनकर बिहार आ रहे हैं। वे कालिया नाग का नाश करेंगे। पासवान ने नीतीश और लालू की दोस्ती पर तगड़ा हमला किया। उन्होंने कहा 'नीतीश कुमार कहते हैं, चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग। वह लालू यादव को भुजंग कहते हैं।'
पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार ने जार्ज फर्नांडिज जैसे नेता की बेइज्जती की। इन लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर फाड़ा। प्रधानमंत्री देश का होता है, उसके सामने से इन्होंने पत्तल छीनने का प्रयास किया है।
रैली को भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने भोजपुरी में और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेता जीतनराम मांझी मगही में संबोधित किया।
नीतीश के गढ़ में मोदी की दूसरी रैली
मौसम मानसून का है और बिहार में सियासी बिजलियां कौंध रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी परिवर्तन रैली सूबे की सियासत में और ज्यादा हलचल पैदा कर दी है। शनिवार को ही मोदी सरकार ने राज्य में नए राज्यपाल की नियुक्ति की। भाजपा से जुड़े रामनाथ कोविंद की नई नियुक्ति को भी प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दलित जाति का राज्यपाल नियुक्त कर मोदी सरकार ने दलित की नब्ज छूने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी राज्यपाल की नियुक्ति पर सवाल उठा दिया। उन्होंने एक बार फिर रैली का एजेंडा सेट करने की कोशिश की है और ट्विटर पर मोदी से कई सवाल पूछे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी परिवर्तन रैली गया में सम्पन्न हुई। गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का गढ़ माना जाता है। गया का इलाका महादलितों का गढ़ भी है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की रविवार की रैली से भाजपा की महादलितों के बीच की पैठ पर असर जरूर पड़ा होगा।
गांधी मैदान मे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री मोदी की रैली के मद्देनजर गया के गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नक्सलियों ने रैली के विरोध में बंद का आवाह्न भी किया था। वहीं, शनिवार को गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर फाड़ दिए गए। इलाके में जदयू के पोस्टरों पर भी कालिख पोतने की बातें सामने आई।
दोनों दलों की बीच छिड़े पोस्टर वॉर के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि गया में नीतीश के कार्यकर्ताओं द्वारा होर्डिंग्स से नरेंद्र मोदी का सिर काटा जा रहा है। उन्होंने नीतीश की जदयू को मुड़ीकटवा पार्टी बताया है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि बिहार चुनावों के नतीजों से ये स्पष्ट हो जाएगा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले एक साल में बहुत ही खराब सरकार चलाई है।