भूटान में मोदी ने कर दी दो गलतियां!
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लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की गलतियों की खूब चर्चा हुई। मोदी ने चुनावी भाषणों में ऐतिहासिक तथ्यों का ऐसा घालमेल किया कि विपक्षी नेताओं ने तो उनकी खिल्ली उड़ाई ही, मीडिया ने भी उन्हें नहीं बख्शा।
मोदी की गलतियों पर सोशल मीडिया में चुटकुले भी बने। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी की गलतियों का ये सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है।
उन्होंने सोमवार को भूटान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और फिर गलतियां कर डाली। नतीजा ये रहा कि सोशल मीडिया ने नरेंद्र मोदी के भाषण को आड़े हाथों लिया और देखते ही देखते ट्विटर और फेसबुक पर उनकी खिल्ली उड़ने लगी।
भूटान में भी फिसली मोदी की जुबान
प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की ये पहली विदेश यात्रा थी। दो दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में मोदी ने सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जहां संसद के दोनों सदनों नेशनल असेंबली और नेशनल काउंसिल सदस्यों समेत भूटानी राजवंश के सदस्य भी मौजूद थे।
मोदी ने अपने भाषण में भूटानी राजवंश की तारीफ करते हुए भूटान के बजाय नेपाल कह डाला। मोदी ने कहा, 'मैं अपने भाषण की शुरुआत नेपाल..... भूटान के राजवंश के शाही परिवार के सम्मान के साथ करूंगा।'
वहीं, बाद में उन्होंने अपने भाषण में भूटान को लद्दाख कह डाला। मोदी की दोनों गलतियां देखते ही देखते सोशल मीडिया पर छा गईं।
ट्विटर पर फिर उड़ी मोदी की खिल्ली
मोदी की गलतियों के बाद ट्विटर पर #Bhutan, #Nepal और #TravelTipstoModi ट्रेंड करने लगा। मिहिर पाध्ये ने ट्विट किया,' प्रधानमंत्री ने भूटान का नेपाल बता दिया। फिर एक ऐतिहासिक गलती की।' जयेश शिंदे ने ट्वीट किया, 'मोदी ने आज भूटान को नेपाल समझ लिया। कहीं संयुक्त राष्ट्र या ब्रिक के सम्मेलन में वे भारत को कुछ और ना समझ लें।'
सुंदर दत्ता ने ट्वीट किया, 'क्या मोदी विश्व हिंदु परिषद का एटलस पढ़ते हैं।' अभिनव शर्मा ने ट्वीट किया, 'कम से कम अब तो भूगोल पढ़ लो जो भूटान को नेपाल बताते हो। लेकिन उससे क्या उम्मीद करें जो तक्षशिला को बिहार में बताता है।' वैसे मोदी जापान की यात्रा के बाद अगस्त में नेपाल की यात्रा पर जा सकते हैं।
भूटानी संसद में और क्या बोले मोदी
मोदी ने भूटान की संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत तरक्की करता है तो इसका सीधा लाभ भूटान जैसे छोटे पड़ोसियों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की मजबूती से दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संघ यानी सार्क के सभी देशों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में खुशहाली आएगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने हितों को ध्यान में रखते हुए परस्पर समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने, संबंधों को मजबूत बनाने और एक दूसरे के खिलाफ अपनी जमीन पर किसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देने के समझौते पर सहमत हुए हैं। मोदी ने भूटानी संसद को हिंदी में संबोधित किया।
मोदी ने अपनी यात्रा पर जताया संतोष
मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा पर संतोष जताया। यात्रा समाप्त होने पर मोदी ने ट्वीट कर कहा कि यह दौरा मेरी यादों में बसा रहेगा। भूटान की यह यात्रा बेहद सफल और फलदायी रही।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा को बेहद संतोषजनक और बेहद सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि भूटान से सहयोग के नए प्रस्तावों और नए विचारों पर बातचीत हुई।