दादरी मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने तोड़ी चुप्पी, पढ़िए क्या बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देशभर के हिंदू और मुसलमान गरीबी के खिलाफ लड़ें। एकता ही उन्हें आगे ले जाएगी।
गुरुवार को बिहार के नवादा में आयोजित चुनावी रैली में उन्होंने कहा, 'देशवासी छोटे-मोटे स्वार्थों के लिए बयानबाजी करने वाले नेताओं की बातों पर ध्यान न दें। खुद नरेंद्र मोदी भी ऐसी बाते कहें तो ना सुनें। उन्हें सुनना है तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कल के बयान पर ध्यान दें।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमें रास्ता दिखाया और उसी रास्ते पर चलना होगा। मोदी ने कहा कि देश एकता, सद्भाव और शांति के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। दादरी में हुई इखलाक की हत्या के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी से बयान की मांग की जा रही थी। नवादा में दिए गए उनके भाषण को दादरी मामले पर ही टिप्पणी माना जा रहा है।
पढ़िए प्रणब दा ने क्या कहा था
उल्लेखनीय है कि प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि देश में विविधता, बहुलता और सहिष्णुता जैसे भारतीय सभ्यता के मूल्यों को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के बुनियादी मूल्यों को यूं ही गंवाने नहीं देंगे। कई सभ्यताएं मिट गई, लेकिन हमलों और विदेशी शासन के बाद भी हमारी पहचान बरकरार रही है।
दादरी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी के विरोध में साहित्यकार नयनतारा सहगल और अशोक वाजपेयी ने साहित्य अकादमी सम्मान लौटा दिया था। विपक्षी दल भी प्रधानमंत्री मोदी से मुद्दे पर बयान देने की मांग कर रहे थे।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ दिनों बाद ही सही लेकिन प्रधानमंत्री ने अपनी चुप्पी तो तोड़ी। उन्होंने कड़े शब्दों में आलोचना तो नहीं की, लेकिन कुछ न कहने से कुछ कहना बेहतर है।