पीएम मोदी ने की अपील, ध्यान में रखें इंजीनियरिंग के पांच ‘ई’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में वैज्ञानिक शोध करने को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने समस्याओं के स्थायी तथा प्रभावी समाधान के लिए वैज्ञानिकों से पारंपरिक ज्ञान तथा आधुनिक विज्ञान के बीच सेतु का काम करने को कहा और इंजीनियरिंग के केंद्र में पांच ‘ई’ का ध्यान रखने की अपील की।
मैसूर विश्वविद्यालय के मंसा गंगोत्री परिसर में रविवार को 103वें इंडियन साइंस कांग्रेस में पीएम ने कहा कि जब वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ इंजीनियरिंग तथा जांच के केंद्र में पांच ई को रखेंगे तो विज्ञान का प्रभाव और बढ़ जाएगा।
उन्होंने पांच ई में अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, ऊर्जा, सहानुभूति और न्याय (इकोनॉमी, इनवायरमेंट, एनर्जी, एम्पेथी और इक्विटी) का रखा। पीएम के अनुसार तेजी से होते शहरीकरण की बढ़ती समस्याओं से निपटने की जरूरत है।
कम खर्चीला और व्यवहारिक उपाय तलाशना होगा
उन्होंने कहा कि शहर अर्थव्यवस्था वृद्धि, रोजगार के अवसरों तथा समृद्धि के
प्रमुख इंजन हैं लेकिन उन्हें पूरी दुनिया की दो तिहाई ऊर्जा चाहिए और
इसका प्रभाव 80 फीसदी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के रूप में सामने है।
स्थानीय पारिस्थितिकी तथा परंपरा को ध्यान में रखकर सिटी प्लानिंग में
सुधार के लिए वैज्ञानिक उपकरण विकसित किए जाने की जरूरत है। साथ ही सॉलिड
वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कम खर्चीला और व्यवहारिक उपाय तलाशना होगा।
पांच
दिनी कार्यक्रम के दौरान 500 जाने-माने वैज्ञानिक और विशेषज्ञ अपने विचार
रखेंगे। कई विदेशी वैज्ञानिक भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कर्नाटक में
13 साल बाद इंडियन साइंस कांग्रेस हो रहा है, जबकि मैसूर को 34 वर्षों के
बाद मेजबानी मिली है।