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'भारत ने विश्व को संप्रदायवाद नहीं बल्कि आध्यात्मिकता दी'

Mon, 11 Jan 2016 12:50 AM IST
Updated Mon, 11 Jan 2016 12:50 AM IST
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Prime Minister Narendra Modi addressed the book release function

असहिष्णुता पर जारी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने विश्व को संप्रदायवाद नहीं बल्कि आध्यात्मिकता दी है। संतों और ज्ञानियों ने हमेशा राष्ट्र धर्म को अपनाया है। उन्होंने अफसोस भी जताया कि दुनिया ने भारत के लोगों को समझने में भूल की।

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प्रधानमंत्री ने रविवार को जैन संत आचार्य रत्नासुंदरसुरीजी महाराज की 300वीं किताब का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विमोचन किया।

इस मौके पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि वह भारत की आध्यात्मिक विरासत पर भरोसा करते थे। उनका मानना था कि यह उन चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकती है, जो आज मानवता के सामने खड़ी हैं।
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कभी सांप्रदायिक प्रवृत्तियों का अनुसरण नहीं किया

Prime Minister Narendra Modi addressed the book release function

मोदी के अनुसार, ‘दुनिया ने हमें उस तरह नहीं समझा, जिस तरह समझना चाहिए।

भारत एक ऐसा देश है, जिसने कभी सांप्रदायिक प्रवृत्तियों का अनुसरण नहीं किया। कभी-कभी समुदाय की वजह से दिक्क्तें पैदा हो सकती हैं लेकिन आध्यात्मिकता उपाय सुझाती है।’

किताब ‘माय इंडिया, नोबेल इंडिया’ अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती तथा मराठी भाषाओं में प्रकाशित हुई है। 10 दिन लंबे धार्मिक सम्मेलन के अंतिम दिन साहित्य सत्कार समारोह में किताब का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोग मौजूद थे।

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