जाते-जाते मोदी पर हमला बोल गए PM
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हालिया विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार और कांग्रेस में राहुल गांधी को अगला पीएम दावेदार बनाने की मांग के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज देश के मीडिया का सामना किया और कई बड़े मुद्दों पर अपनी बात सामने रखी।
पढ़ें, कुछ सवाल जो प्रधानमंत्री से नहीं पूछे गए
मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया कि वह तीसरी बार प्रधानमंत्री पद पर दांव न लगाते हुए रिटायरमेंट ले रहे हैं। इसके अलावा नरेंद्र मोदी पर उन्होंने करारा हमला, तो राहुल गांधी को एक बार फिर पीएम कैलिबर करार दिया। यूपीए सरकार की नाकामियों को छिपाने की कोशिश की और उपलब्धियों को सामने रखा।
मनमोहन यूपीए सरकार के दामन पर पड़े भ्रष्टाचार के दाग पर भी बोले। उन्होंने कहा कि सोनिया और राहुल गांधी से उन्हें काफी सहारा मिला है। वह आम आदमी पार्टी की तारीफ करने से भी नहीं चूकें। आइए जानें मनमोहन सिंह ने सबसे अहम मुद्दों पर क्या-क्या कहाः
नरेंद्र मोदी पीएम बने, तो देश का विनाश!
मनमोहन सिंह ने यूं तो यह संवाददाता सम्मेलन अपनी रिटायरमेंट के ऐलान के लिए बुलाई थी, लेकिन इसका राजनीतिक इस्तेमाल करने से भी वह नहीं चूके। बीते कई दिनों से नरेंद्र मोदी के हमले झेल रहे मनमोहन सिंह आज उन्हीं पर बोले और बोलते वक्त आक्रामकता भी दिखी।
आम तौर पर सधे और सॉफ्ट अंदाज में अपनी बात रखने वाले मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी के सवाल पर गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला।
मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह देश के लिए विनाशकारी होगा। मनमोहन ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अहमदाबाद की सड़कों पर कत्लेआम हुआ था। और उसके लिए जिम्मेदारी शख्स पीएम नहीं बनना चाहिए।
रिटायरमेंट तय, अब नहीं बनेंगे PM!
यह पहले से माना जा रहा था कि इस बार कांग्रेस और यूपीए की तरफ से प्रधानमंत्री पद के दावेदार मनमोहन सिंह नहीं होंगे। और खुद मनमोहन सिंह ने भी शुक्रवार को यह साफ कर दिया। वह पहले सोनिया गांधी से यह आग्रह कर चुके थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दस साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब तीसरी बार प्रधानमंत्री के लिए दांव नहीं लगाने जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी लोकसभा चुनावों में एक बार फिर जीत यूपीए के हाथ लगेगी और देश को अगला पीएम भी इसी कुनबे से मिलेगा।
पीएम मनमोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मैं अगले पीएम को अपनी विरासत देने को तैयार हूं। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि अगला पीएम भी यूपीए का ही होगा।
राहुल गांधी में हैं सारे गुण!
मनमोहन सिंह ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अगला प्रधानमंत्री या प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाया जाना चाहिए, लेकिन वह इशारों ही इशारों में सब कह गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी को पीएम पद का दावेदार बनाया जाना चाहिए या नहीं, इस बात का फैसला पार्टी को करना है और वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।
लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि राहुल गांधी में देश का प्रधानमंत्री बनने के सारे गुण हैं। कैबिनेट में शामिल होने की बात पर उन्होंने राय रखी कि अगर राहुल मंत्रिमंडल का हिस्सा बनते, तो इससे उसकी ताकत बढ़ती। वह यह भी बोले कि कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाता है।
टू पावर सेंटर से नुकसान नहीं, फायदा!
मनमोहन सिंह से जब यह पूछा गया कि यूपीए के दोनों कार्यकाल के दौरान यह देखा गया कि ज्यादातर बड़े फैसले 7, रेसकोर्स रोड पर न होकर दस, जनपथ से निकले जो सोनिया गांधी का निवास है, तो इस सवाल पर भी मनमोहन ने संयम साधे रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस बात से बीते दस साल में उन्हें कोई नुकसान हुआ है। बल्कि उनका मानना है कि इससे फायदा ही हुआ है।
टू पावर सेंटर के सवाल पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी बीते कई साल में उन्हें कई बड़े मुद्दों पर सलाह देते रहे हैं और उन्हें कभी नहीं लगा कि इसमें कुछ गलत है। बल्कि उन्हें लगता है कि इससे कई बार मदद ही मिली।
आम आदमी पार्टी को कुछ वक्त दें!
दिल्ली में नई राजनीति की नींव रखने वाली आम आदमी पार्टी को कोई भी नेता और राजनीतिक दल अब नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी ईमानदारी और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर लड़ने वाली इस पार्टी की तारीफ की।
आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सवाल पर मनमोहन सिंह ने कहा कि अभी कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगा, क्योंकि अभी उनकी सरकार को बने मात्र चंद दिन ही हुए हैं। हमें चाहिए कि हम जनता के फैसले का सम्मान करें और उनको चाहिए कि वे खुद को साबित करें।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई है। जाहिर है, मनमोहन सिंह अरविंद केजरीवाल पर कोई हमला बोलने से बचना सही समझा और उसकी तारीफ की।
मनमोहन ने गलती मानी, तारीफ भी की!
पीएम मनमोहन सिंह ने कुबूल किया है कि उनकी सरकार रोजगार बढ़ाने में विफल रही है। उन्होंने ये भी कुबूल किया कि बढ़ती महंगाई देश के लिए चिंता का सबब बनी है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि साथ ही प्रति व्यक्ति आय भी चार गुना बढ़ी है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों तक विकास पहुंचा है, सर्व शिक्षा अभियान से सभी को लाभ हुआ है और खास तौर पर एससी-एसटी को इसका लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने अर्थव्यवस्था के हित में कई फैसले लिए। हमारे पहले कार्यकाल में विकास दर नौ फीसदी रही, लेकिन आर्थिक मंदी का असर भारत पर भी पड़ा।
मनमोहन सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भले ही हमारी पार्टी इन विधानसभा चुनावों में जीत नहीं पाई लेकिन हमें उम्मीद है कि अब ऐसा नहीं होगा।
पीएम के बयान पर हमले शुरू!
पीएम के बोलते ही मानो हंगामा हो गया। ट्विटर पर बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ये पीएम का फेयरवेल स्टेटमेंट था। ये सिवाय सरकारी विज्ञापन और चुनाव से पहले ही हार कुबूलने के कुछ नहीं था।
बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने ट्विटर पर लिखा कि," पीएम सिंह आप शायद ही जनता और मीडिया से बात करते हैं और अब आप उन्हीं को ब्लेम कर रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोपों के लिए? यूपीए-2 में भ्रष्टाचार और बढ़ गया।
जनता दल युनाइटेड के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश की बुनियादी समस्याओं और उनके हल के बारे में कुछ नहीं कहा, जो काफी निराशाजनक है। शिवसेना ने कहा कि पीएम देश के पत्रकारों का समय बर्बाद कर रहे थे। उन्हें गुजरात के दंगे याद हैं, लेकिन दिल्ली के सिख विरोधी दंगे और मुजफ्फरनगर दंगों के बारे में कुछ नहीं पता।