प्रधानमंत्री खुद ले रहे हैं सी-सैट मामले में रुचि
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सरकार ने मंगलवार को यूपीएससी सी-सैट विवाद का शीघ्र हल निकालने का फिर से आश्वासन दिया है। लोकसभा में इस मामले में भारी हंगामे के बाद सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मामले में रुचि ले रहे हैं।
इस संबंध में गठित कमेटी की रिपोर्ट आते ही सरकार इस विवाद पर फैसला करेगी। सरकार ने एक बार फिर आश्वस्त किया कि यूपीएससी परीक्षा में क्षेत्रीय भाषाओं के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
इससे पहले समाजवादी पार्टी, आरजेडी और कांग्रेस के सदस्यों ने इस मामले में भारी हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने सी-सैट के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग का भी मामला उठाया।
'कमेटी की रिपोर्ट के बाद शीघ्र होगा फैसला'
शून्य काल के दौरान सपा के धर्मेंद्र यादव ने कहा कि एक ओर नई सरकार हिंदी का जाप कर रही है तो दूसरी ओर हिंदी की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर पुलिस लाठी और गोली बरसा रही है।
आरजेडी के पप्पू यादव ने भी छात्रों के साथ हुए बल प्रयोग की निंदा की और कहा कि पुलिस छात्राओं के खिलाफ भी बल प्रयोग कर रही है।
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकार से इस मामले में सफाई की मांग करते हुए वेल में आकर हंगामा करने लगे।
सदस्यों के हंगामे के बाद संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि यह संवेदनशील मसला है और सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है।
उन्होंने कहा, "खुद प्रधानमंत्री इस मामले में रुचि ले रहे हैं। जैसे ही इससे संबंधित कमेटी रिपोर्ट देगी, सरकार इस समस्या का समाधान करेगी।"
इस दौरान उन्होंने फिर दोहराया कि सरकार यूपीएससी की परीक्षा में हिंदी भाषा सहित किसी क्षेत्रीय भाषा के साथ भेदभाव नहीं होने देगी।