पीएम को सौंपा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र
भारत के एलपीजी सब्सिडी ट्रांसफर को विश्व का सबसे बड़ी नकद हस्तांतरण योजना मानते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा एक प्रमाणपत्र दिया गया था।
शनिवार को केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह प्रमाणपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा। घरेलू उपभोक्ताओं के बैंक खाते में एलपीजी सब्सिडी का सीधा भुगतान करने की योजना पिछली संप्रग सरकार की थी और इसे पहली सितंबर 2013 से लागू किया गया था।
बीते साल हुआ था लांच
हालांकि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) को राजग सरकार
ने शुरुआती कुछ समस्याओं के समाधान के साथ पहल नाम से 15 नवंबर 2014 को देश
के 54 जिलों में लांच किया।
पहली जनवरी 2015 से इसे पूरे देश में लागू कर
दिया गया। आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘पहल स्कीम को सबसे बड़े नकद हस्तांतरण
योजना (पारिवारिक) गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है
और 30 जून के अनुसार 12.57 करोड़ परिवार ने नकद हस्तांतरण प्राप्त किया
है।’
3 दिसंबर 2015 तक 14.62 करोड़ उपभोक्ता पहल योजना से जुड़ चुके हैं। (सभी तस्वीरें पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की फेसबुक वॉल से।)