जींस पहनने से रोका, तो बीवी दे सकती है तलाक
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पत्नी को कुर्ता-जींस पहनने की जगह साड़ी पहनने को बाध्य करना पति की क्रूरता मानी जाएगी और यह तलाक का आधार बन सकती है।
मुंबई की एक फैमिली कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान पत्नी ने कहा कि 2010 के दिसंबर महीने में शादी होने के बाद उसके पति ने उसके लिए कोई कपड़ा नहीं खरीदा।
लिहाजा उसने अपने वेतन के पैसे से अपने लिए कुर्ता और जींस खरीद लिया। लेकिन पति ने कुर्ता और जींस नहीं पहनने दिया। उसने पत्नी को सिर्फ साड़ी पहनने की इजाजत दी।
पत्नी ने लगाया पति पर बदसलूकी का आरोप
फैमिली कोर्ट की प्रिंसिपल जज डॉ. लक्ष्मी राव ने इसे विशेष विवाह कानून, 1954 की धारा 27 (1)(डी) के तहत क्रूरता माना है और इसके आधार पर पत्नी को तलाक लेने की अनुमति दे दी।
जज ने कहा कि पत्नी को जींस और कुर्ता पहनने से रोका गया, जो कानून के तहत क्रूरता के दायरे में आता है। लिहाजा पत्नी को तलाक लेने का पूरा हक है।
पत्नी ने आरोप लगाया था उसके पति और सास-ससुर ने उससे मायके से एक लाख रुपये लाकर देने की मांग की थी। उन्होंने ऐसा न करने पर नतीजे भुगतने को तैयार रहने को कहा था।
उन्होंने उसे नौकरी छोड़ने को भी कहा था। लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया। पत्नी का कहना था कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया गया।