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रिटायर होते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी 'जरूरी सलाह'
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Thu, 15 Jan 2015 08:27 PM IST
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मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने राजनीति को अपराध मुक्त बनाने के लिए हत्या और अन्य जघन्य अपराधों के आरोपी उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने का सुझाव दिया है। अपने कार्यकाल के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को संपत ने यह भी कहा कि आयोग पेड न्यूज के खतरे को भी खत्म करना चाहता है, जिससे कि चुनाव में सभी को एक समान मौका मिल सके।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से बृहस्पतिवार को रिटायर हुए संपत ने कहा कि आयोग ने पांच साल से अधिक की सजा हो सकने वाले अपराधों में अदालत में आरोप तय हो जाने के बाद उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित करने का सुझाव दिया है।
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आयोग का मानना है कि सजा हो जाने के बाद लोगों को अयोग्य घोषित करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बारे में आयोग ने सरकार को अपना सुझाव दे दिया है और अब सरकार को कानून में संशोधन के बारे में तय करना है।
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उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में यह एक सबसे पुरानी मांग है। पहले तो दोषी करार दिए जाने के बाद भी जनप्रतिनिधि फैसले के खिलाफ अपील दाखिल कर पद पर बने रहते थे। यह भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खत्म हो पाया। उन्होंने कहा कि आयोग का यह मानना है कि भविष्य में दोषी ठहराए जा सकने वाले व्यक्ति को क्यों चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने के स्तर पर ही रोकना एक बेहतर कदम साबित हो सकता है।