'ईसाई बनो या मायके से लाओ 5 लाख'
‘मैं ईसाई नहीं बनना चाहती। मुझे हिंदू ही रहना है। मेरे ससुराल वाले मुझ पर बाइबल पढ़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। कहते हैं कि इससे हमें काफी रुपये मिलेंगे। दबाव बनाते हैं कि ईसाई नहीं बनना तो मायके से 5 लाख रुपये ले आ ताकि हम डेयरी शुरू कर सकें।’ यह कहना है रोहतक के सलारा मोहल्ला निवासी एक विवाहिता का। उसने बुधवार को डीएसपी करण गोयल से मिल अपने ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दी है।
सलारा मोहल्ला निवासी विवाहिता ने डीएसपी को दी शिकायत में बताया कि उसका मायका यूपी में है। दो साल पहले उसकी रोहतक के एक युवक के साथ हिंदू रीति रिवाज से शादी हुई। कुछ दिन बाद उसे पता चला कि उसकी ससुराल के सभी लोग ईसाई धर्म मानते हैं।
आरोप है कि ससुराल वालों ने डेयरी खोलने के लिए मायके से 5 लाख रुपये लाने को कहा। रुपये लाने में असमर्थता जताई तो कहा ईसाई धर्म अपना लो। इससे उन्हें रुपये मिलेंगे। मायकों वालों ने कहा कि अभी नया-नया रिश्ता है। कुछ दिन बाद सब ठीक हो जाएगा, लेकिन मामला बढ़ता गया।
बच्चे का भी बदलवाना चाहते हैं धर्म
महिला का आरोप है कि उसके ससुराल वाले कहते हैं कि वो चाहे धर्म परिवर्तन करे या न करे, लेकिन बच्चे को ईसाई बनाएंगे। मायके वाले समझाने आए। नाराज होकर उसे धक्के मारकर निकाल दिया। उसका बच्चा भी छीन लिया। पुलिस की मदद से वह बच्चे को वापस लेकर मायके चली गई।
'पति के साथ ही रहना चाहती हूं'
महिला का कहना है कि वह बसा-बसाया घर नहीं उजाड़ना चाहती और पति के साथ रहना चाहती है, लेकिन हिंदू बनकर। उसने पुलिस से मांग की है कि उसे न्याय दिलाया जाए। उसे धर्म परिवर्तन और दहेज के लिए परेशान ने किया जाए। कहा कि अगर ससुराल वाले नहीं माने तो मायके में जाकर मामला दर्ज करवाया जाएगा।
न्याय दिलाने में करेंगे मदद
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक नरेंद्र कौशिक और विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता अभियान के प्रदेश संयोजक अमित ने बताया कि हिंदू धर्म के लोगों को ध्यान रखने और जागरूक होने की जरूरत है। इस तरह की मानसिकता वाले लोगों की खिलाफत होनी चाहिए। महिला को न्याय दिलाने में उसकी मदद की जाएगी।
ऐसा किया जाना बिल्कुल गलत: फादर
अगर ऐसा किया गया है तो यह गलत है। धर्म चाहे कोई भी हो, उसे अपनाने या छोड़ने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। ईसाई धर्म इस तरह की किसी भी बात के विरोध में है। ऐसे मामलों में केवल दहेज लेने के लिए दबाव बनाया जाता है।
पी. के. टेंडी, फादर, सेंट पॉल चर्च, अंबेडकर चौक, रोहतक।