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झारखंडः मुंडा ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा

Tue, 08 Jan 2013 04:08 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 08 Jan 2013 04:08 PM IST
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presidential rule is possible in jharkhand

झारखंड में राजनीतिक संकट गहरा गया है। अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और राज्य विधान सभा भंग करने की सिफारिश की है।  

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वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा है कि अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार बनाने का प्रस्ताव देता है तो वे उन्हें समर्थन दे सकते हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि उसके पास 44 विधायकों का समर्थन है।
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मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आज राज्यपाल सैयद अहमद से मुलाकात कर उन्हें इस्तीफा सौंपा। मुंडा सरकार ने आज सुबह राज्य विधानसभा को भंग करने की सिफारिश भी की। अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में सुबह यहां राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा को भंग करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया गया।
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मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा), अखिल झारखंड विद्यार्थी संघ (आजसू) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मंत्री शामिल हुए जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का कोई मंत्री बैठक में शामिल नहीं हुआ।

झामुमो ने समर्थन वापसी का पत्र दिया
झामुमो ने आज राज्यपाल डा. सैय्यद अहमद को मुंडा सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल को मुंडा सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंपा।

झामुमो के 18 विधायक है और उसके समर्थन वापस ले लेने से राज्य की मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई है। झामुमो की मांग है कि पहले से तय शर्त के अनुसार अगले 28 माह के लिए मुख्यमंत्री पद उसे दिया जाए। अभी मुंडा सरकार में झामुमो के हेमंत सोरेन उप मुख्यमंत्री है।

आगामी 10 जनवरी को मुंडा सरकार के 28 माह पूरे होने जा रहे हैं और इसके बाद जेएमएम अपना मुख्यमंत्री बनाने की मांग करता रही है।

हालांकि भाजपा लगातार कहती रही है कि सत्ता की अदला-बदली को लेकर दोनों दलों में कोई समझौता नहीं हुआ था। भाजपा नेतृत्व जेएमएम की शर्तों को मानने के पक्ष में नहीं है।


सितंबर 2010 में बनी थी मुंडा सरकार
सितंबर 2010 को झामुमो के 18 विधायकों के समर्थन से भाजपा नीत मुंडा सरकार का गठन हुआ था। 82 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा के भी 18 विधायक हैं। वहीं, झारख्रंड मुक्ति मोर्चा प्रमुख शिबु सोरेन ने मुंडा सरकार से समर्थन वापसी का पत्र आज राज्यपाल को सौंप दिया।

साथ ही पार्टी को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के छह और जदयू के दो विधायकों का समर्थन प्राप्त है। विधानसभा में कांग्रेस के 12, झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के 11, राजद के छह और अन्य छोटे दलों व निर्दलीय विधायक हैं।

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