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यूपी के इस व्यक्ति ने किया है ऐसा काम कि राष्ट्रपति खुद देंगे सम्मान

Sat, 05 Sep 2015 10:01 AM IST
Updated Sat, 05 Sep 2015 10:01 AM IST
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president will give honor to this scientist

फूलपुर तहसील के बेलवाना गांव निवासी समुद्र वैज्ञानिक डा. जीयालाल को राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार उन्हें उनकी पुस्तक ‘समुद्र एवं मानव’ के लिए 14 सितंबर को प्लेनरी हाल, विज्ञान भवन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी प्रदान करेंगे।

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डा. जीयालाल का बचपन गरीबी और तंगहाली में गुजरा। गांव के प्राथमिक पाठशाला से पढ़ाई के दौरान उन्होंने पांचवीं की परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
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उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई जौनपुर के जमुहाई स्थित राष्ट्रीय इंटर कालेज से की। दो-दो छात्रवृत्ति के सहारे आगे की पढ़ाई करने वाले डा. जीयालाल परिवार की गरीबी को देखते हुए नौकरी करने मुंबई चले गए।
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वहां उन्होंने पोस्टआफिस, बैंक, भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर और राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान की परीक्षा पास कर ली। पढ़ाई और नौकरी साथ-साथ करने के इच्छुक डा. जीयालाल ने 19 फरवरी 1975 को समुद्र विज्ञान की नौकरी ज्वाइन कर ली।

गुजरात के विकास में अहम भूमिका

president will give honor to this scientist

इसके बाद उन्होंने 1980 में बीएससी, 1982 में एमएससी और 1985 में पीएचडी की डिग्री हासिल की। वह नौकरी में भी पदोन्नति पाते रहे। इनकी पहली पोस्टिंग 1975 फील्ड असिस्टेंट के रूप में हुई।

2007 में वह वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक बने और 2011 में प्रमुख वैज्ञानिक के पद पर नियुक्त हुए। 1989 में उनका शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ। सौ से अधिक इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व करने वाले डा. जीयालाल ने गुजरात और महाराष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभाई।

उनके कार्यों और योगदान को देखते हुए वर्ष 1990 में उन्हें दक्षिणी ध्रुवीय सम्मान, वर्ष 2009 में राजीव गांधी ब्रिगेड अवार्ड, 2010 में छत्रपति शिवाजी अवार्ड, वर्ष 2012 में भारत ज्योति अवार्ड से नवाजा जा चुका है। अब 2015 में उन्हें इनकी पुस्तक के लिए राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चुने जाने पर परिवार के साथ ही उनके जानने वालों में हर्ष है।

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