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झारखंड में राष्ट्रपति शासन पर केंद्र की मुहर
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 17 Jan 2013 12:36 PM IST
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केंद्र सरकार ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर मुहर लगा दी है। आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की गई थी, जिसपर उसने अपनी सहमति दे दी।
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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थन वापस लेने के बाद राज्य की अर्जुन मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई थी। जिसके बाद अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और विधान सभा भंग करने की सिफारिश की। लेकिन राज्यपाल ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट में विधानसभा को निलंबित रख राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की।
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वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर बने झारखंड में पहले भी दो बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है। प्रदेश में वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता 8 जनवरी को सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार से झामुमो के समर्थन वापसी के चलते उत्पन्न हुई है। 82 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18 सदस्य हैं।
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इसके अलावा अर्जुन मुंडा सरकार को ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) के छह, जदयू के दो, दो निर्दलीय और एक नामित सदस्य का समर्थन हासिल था। वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस के 13, झारखंड विकास मोर्चा (पी) के 11 और राजद के 5 विधायक हैं।
सीपीआई-एमएल(एल), मार्क्सवादी समन्वय पार्टी, झारखंड पार्टी (एक्का), झारखंड जनाधिकार मंच और जय भारत समता पार्टी का एक-एक सदस्य के अलावा एक निर्दलीय विधायक भी है।