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बिना जल्लाद कैसे दी जाएगी यूपी में फांसी?

Fri, 05 Apr 2013 02:10 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 05 Apr 2013 02:10 PM IST
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president rejects mercy pleas

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सभी सात दया याचिकाओं के निपटारे के दौरान पांच मामलों में सात दोषियों के फांसी की सजा को बरकरार रखी है।

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उत्तर प्रदेश से जुड़े तीन मामलों में चार दोषियों और हरियाणा के दो मामलों में तीन दोषियों को अब फांसी दी जानी तय है।

यूपी सरकार की ओर से गृह विभाग ने फांसी की कोई तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उन्होंने सिर्फ इतना स्वीकार किया कि उन्हें केंद्र सरकार की ओर से पत्र मिल गया है।

वहीं हरियाणा के अंबाला में कारागार विभाग ने फांसी की तैयारियां शुरू कर दी है। जेल सूत्रों के मुताबिक दुराचार के आरोपी धर्मपाल को एक सप्ताह के भीतर फांसी दी जा सकती है। जबकि संजीव और सोनिया की फांसी की तिथि अभी तय नहीं है।
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लेकिन दोनों ही राज्यों के लिए सबसे बडा़ सवाल यह है कि फांसी देने के लिए जल्लाद कहां से आएगा। लखनऊ में मौजूद इकलौता जल्लाद अहमदउल्लाह ने बीते कई सालों से फांसी देने का काम बंद कर दिया है।
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दिल्ली की तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को और पुणे की यरवदा जेल में कसाब को फांसी किसने दी थी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। अगर उनमें किसी जल्लाद की भूमिका रही है तो यूपी और हरियाणा सरकार वहां की सरकारों से मदद ले सकती है।


हालांकि जेल मैन्युअल के अनुसार सब इंस्पेक्टर स्तर से ऊपर के किसी भी अधिकारी को तीन दिन के अंदर प्रशिक्षित करके फांसी की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है।

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