स्वीडन में राष्ट्रपति के काफिले की कार दुर्घटनाग्रस्त
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विदेश यात्रा पर स्वीडन गए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के काफिले की एक कार मंगलवार शाम को हादसे का शिकार हो गई। हालांकि इस दुर्घटना में वह बाल बाल बच गए, लेकिन एक प्रोटोकाल अधिकारी जख्मी हो गया।
हादसे के वक्त राष्ट्रपति का काफिला यूनिवर्सिटी की ओर जा रहा था।
राष्ट्रपति भवन के सूत्रों ने बताया कि हादसे में राष्ट्रपति की कार को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक, काफिले में शामिल पीछे की कार हादसे का शिकार हुई।
स्वीडिश यूनिवर्सिटी में संबोधन करने जा रह थे राष्ट्रपति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीडिश यूनिवर्सिटी में संबोधन के लिए राष्ट्रपति का काफिला अपने सफर पर था तभी यह हादसा हुआ। हालांकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही राष्ट्रपति ने यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया।
घायल अधिकारी को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मामूली उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
यूरोपीय समाचारों पर नजर रखने वाली एक वेबसाइट के मुताबिक, हादसे के वक्त स्वीडिश राजकुमारी और उनके पति प्रिंस डेनियल भी सफर पर थे। हादसे में उन्हें भी कोई नुकसान नहीं हुआ। बाद में राष्ट्रपति के साथ गई पूरी टीम बेलारूस के लिए रवाना हो गई।
स्वीडन ने सुरक्षा परिषद में भारत का किया समर्थन
स्वीडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की भारत की दावेदारी का समर्थन किया है। उसने कहा कि अपने आकार और समृद्धि के मद्देनजर भारत इसका स्वाभाविक हकदार है।
स्वीडन ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भी भारत के प्रवेश का समर्थन किया। यह एक स्वैच्छिक संगठन है, जिसमें व्यापक विनाश के हथियार ले जाने में सक्षम मानवरहित प्रणाली के अप्रसार का पक्ष करने वाले 34 देश शामिल हैं।
स्वीडन दौरे पर गए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के दौरान स्वीडिश पीएम स्टिफेन लोफवेन ने यह बात कही। प्रणब स्वीडन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं। स्टिफेन लोफवेन ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात की।
एमटीसीआर में भारत के प्रवेश का समर्थन
इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार पर विचार साझा किए। बकौल लोफवेन, स्वीडन मानता है कि भारत इसका हकदार है।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) नवतेज सरना ने स्वीडन के प्रधानमंत्री का हवाले से कहा, ‘आकार और जिस गति कि साथ भारत वृद्धि दर्ज कर रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनने का स्वाभावित दावेदार है।
लोफवेन ने राष्ट्रपति को यह भी बताया कि स्वीडन एमटीसीआर में भारत के प्रवेश का समर्थन करता है।
राष्ट्रपति की मौजूदगी में भारत और स्वीडन में छह करार
भारत और स्वीडन ने अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए सोमवार को कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए और महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश के रास्ते तलाशने के मद्देनजर द्विपक्षीय सामरिक वार्ता फिर से शुरू करने का निर्णय किया।
दोनों देशों शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अलावा मझोले उद्योगों के विकास में भी सहयोग करेंगे। राजनयिक पासपोर्ट धारकों को वीजा में छूट से संबंधित समझौता भी हुआ।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मेजबानी में स्वीडिश राजा कार्ल गुस्टाफ और रानी सिल्विया ने लजीज भारतीय पकवानों का लुत्फ उठाया। शेफ धीरज सिंह ने यह पकवान तैयार किए थे। सिंह यहां भारतीय खानों को मशहूर करने में लगे हैं।