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राष्ट्रपति से मिले प्रधानमंत्री, कैबिनेट फेरबदल की सरगर्मी तेज

Wed, 17 Oct 2012 12:45 AM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 17 Oct 2012 12:45 AM IST
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President meets PM, cabinet reshuffle is possible
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद कैबिनेट में फेरबदल की सरगर्मियां फिर से तेज हो गई है। राष्ट्रपति और सिंह के बीच एक घंटे तक चली मुलाकात से इसी सप्ताह मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना लगाई जा रही है। वहीं माना जा रहा है कि सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सोनिया ने राष्ट्रपति के गहरे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए सलाह मशविरा किया।
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2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिहाज से सरकार का चेहरा बदलने के लिए मंत्रिमंडल में लंबे समय से फेरबदल की कसरत हो रही है। मगर भ्रष्टाचार और महंगाई के चलते उपजे विवादों की वजह से यह टलता रहा है। हालांकि इस बार कैबिनेट फेरबदल की संभावना काफी प्रबल लग रही है। राष्ट्रपति 21 से 28 अक्तूबर तक दुर्गा पूजा के चलते कोलकाता में रहेंगे। इससे पहले मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है।
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कांग्रेस और प्रधानमंत्री की कोशिश है कि फेरबदल के जरिए सरकार सकारात्मक तौर पर सुर्खियों में रहे और सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की तपिश भी थोड़ी बहुत कम हो। फेरबदल में कई युवा मंत्रियों को प्रोमोशन देने की बात कही जा रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और जितिन प्रसाद को प्रोमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। द्रमुक पहले ही कह चुकी है कि वह मंत्रिमंडल फेरबदल में शामिल नहीं होगी। इसलिए फेरबदल में सारा फोकस कांग्रेस पर ही रहेगा।
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एनसीपी कोटे से अगाथा संगमा को हटाकर तारिक अनवर को लाए जाने की बात है। नए चेहरों में मीनाक्षी नटराजन, माणिक टैगोर और मनीष तिवारी जैसे युवाओं को मौका देने की बात है। वहीं बंगाल से अधीर रंजन चौधरी, दीपा दास मुंशी और प्रदीप भट्टाचार्य को मंत्री पद दिए जाने की चर्चा है। विलास राव देशमुख के निधन के बाद सरकार में मराठा चेहरा शामिल करने का सरकार पर दबाव है। इसके लिए कांग्रेस महासचिव विलास राव मुत्तेमवार उपयुक्त विकल्प माने जा रहे हैं। खास बात यह है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद अब सरकार किसी मंत्री को हटाने के पक्ष में नहीं है।

राष्ट्रपति से मिलीं सोनिया, आज मिलेंगे राहुल

भ्रष्टाचार के आरोपों के छींटे सीधे गांधी परिवार पर पड़ने के बाद सरकार के बढ़े संकट के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। अब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी बुधवार को राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि प्रणब मुखर्जी के राजनीतिक अनुभव को देखते हुए सोनिया ने उनसे सलाह मशविरा किया है। वहीं राहुल गांधी की मुलाकात भी इसी सिलसिले में मानी जा रही है।


गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ जिस तरह से उपचुनावों में कांग्रेस को झटके पर झटके मिले है, उसे देखते हुए सरकार का सियासी संकट बढ़ता दिख रहा है। टिहरी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के बेटे को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि पश्चिम बंगाल में खुद राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी को बेहद मुश्किल से जीत हासिल हो सकी। सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि सरकार की हो रही बदनामी का असर अब कांग्रेस को मिल रहे जनादेश में भी दिखने लगा है।

मिल सकता है स्वतंत्र प्रभार
ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, सचिन पायलट

ये हो सकते हैं नए चेहरे

मीनाक्षी नटराजन, मनीष तिवारी, माणिक टैगोर, विलास राव मुत्तेमवार, अधीर रंजन चौधरी, दीपादास मुंशी, प्रदीप भट्टाचार्य

गिर सकती है गाज
एनसीपी कोटे की अगाथा संगमा


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