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साड़ी-कंबल बांटने की तैयारी, पर पैसे का पता नहीं

Wed, 24 Oct 2012 10:13 AM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
इलाहाबाद/ब्यूरो Updated Wed, 24 Oct 2012 10:13 AM IST
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preparing to distribute saree and blankets but no money

पैसे का पता नहीं और शासन ने सर्दी में गरीब महिलाओं को दो-दो साड़ियां एवं बुजुर्गों को एक-एक कंबल बांटने की तैयारी कर ली। इसके लिए सर्वे भी करा लिया गया है। इलाहाबाद में तकरीबन 6.50 लाख लोगों को इस योजना के तहत चिह्नित किया गया, लेकिन अब तक यह तय नहीं हुआ कि पैसा किस मद से आएगा और कौन विभाग इस रकम को खर्च करेगा।

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हालांकि सर्वे की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज विभाग को सौंपी गई थी। शासन स्तर से आदेश जारी किए गए थे कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाली 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को दो-दो साड़ियां और 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग बुजुर्गों को एक-एक कंबल दिया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत राज विभाग को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई थी।
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विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है और चार श्रेणियों में गरीबों का चयन किया है। पहली श्रेणी उन गरीबों की है, जिन्हें ग्राम विकास विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के दौरान बीपीएल में रखा गया, दूसरी श्रेणी में बीपीएल कार्ड धारक, तीसरी श्रेणी में अंत्योदय कार्ड धारक और चौथी श्रेणी में लक्ष्मी बाई पेंशन योजना के तहत आच्छादित लाभार्थी शामिल किए गए हैं।
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इन चारों श्रेणियों को मिलाकर लाभार्थियों की कुल संख्या तकरीबन साढ़े लाख हो रही है। इनमें महिलाओं की संख्या तकरीबन 4 लाख और बुजुर्गों की संख्या 2.5 लाख है। अगर एक महिला को न्यूनतम 100 रुपए की साड़ी भी उपलब्ध कराई गई तो 4 लाख महिलाओं को दो-दो साड़ी के हिसाब से 8 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी।

इसी तरह ढाई बुजुर्गों को कंबल मुहैया कराने के लिए भी बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी। अगर एक कंबल की कीमत न्यूनतम 200 रुपए है तो ढाई लाख कंबल की कीमत 5 करोड़ रुपए होगी। यह रकम तो न्यूनतम होगी। महंगाई के इस दौर में यह रकम दोगुनी हो सकती है।


फिलहाल सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है लेकिन अभी यह भी तय नहीं है कि पैसा किस मद से और कब मिलेगा। साड़ी और कंबल खरीदने के लिए ढेरों औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी, जिनमें काफी वक्त लगेगा। ऐसे में इस साल सर्दी में गरीबों को कंबल और साड़ी मिलने की उम्मीद कम ही है।

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