केजरीवाल पर प्रशांत के बड़े आरोप, कहा विश्वासघाती
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बगावत की राह पर चल रहे आप के संस्थापक सदस्य प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) में लोकतंत्र खत्म कर हाईकमान कल्चर लागू कर दिया है। प्रशांत ने कहा कि अब जनता की राय पर आगे का रास्ता चुना जाएगा।
इसके लिए 14 अप्रैल को गुड़गांव में स्वराज संवाद का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से इस कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार को शास्त्रीनगर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में सरोकार संस्था की ओर से नव चिंतन मैत्री संवाद का आयोजन हुआ।
इसमें प्रशांत भूषण ने लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा 14 अप्रैल के कार्यक्रम में जनता की जो राय होगी, उसी आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा। इस दौरान यह भी तय होगा कि कदम सियासी होगा या सामाजिक। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की हठधर्मिता से आप में अब लोकतंत्र नहीं बचा है।
इसलिए फिर से स्वराज की मुहिम शुरू की जाएगी। यह तय है कि नई राहें वर्तमान आप की नीतियों से अलग होंगी। उन्होंने कहा कि आप अपने उद्देश्यों से भटक गई है। ऐसे में चिंतन की जरूरत है। इसलिए ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
कई सवालों के दिए गोलमोल जवाब
कहा कि अन्ना हजारे से इस बाबत फिलहाल कोई बात नहीं हुई है, लेकिन उनसे संपर्क पर विचार करेंगे। इस मौके पर डॉ. प्रभात राय, डॉ. सुभाष, डॉ. नदीम, एडवोकेट शैलेष, लखन तोमर आदि मौजूद रहे।
सीधे संवाद में डॉ. अमित पाठक ने पूछा कि अब नए रास्ते का आधार क्या होगा? उन्होंने कहा कि स्वराज के लिए चिंतन कर नए लोगों को जोड़ा जाएगा। सिंधुजा यादव ने पूछा कि देश का नेता कैसा हो, इस सवाल से प्रशांत पहले तो किनारा कर गए। बाद में घुमा-फिराकर जवाब देने की कोशिश की।
डीपी सिंह ने पूछा कि जनता कैसे विश्वास करे? यह कवायद तो पहले भी की गई थी क्या मिला? कहा कि विश्वास जुटाने की ही सारी कवायद है।