{"_id":"68ad1124-5021-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"pranabs-son-sorry-for-remarks-on-anti-rape-protesters","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति के बेटे के बयान पर भड़के लोग","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
राष्ट्रपति के बेटे के बयान पर भड़के लोग
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Dec 2012 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में गैंगरेप पर भड़के जनता के गुस्से का पारा बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और सांसद अभिजीत मुखर्जी के विवादास्पद बयान की वजह से सातवें आसमान पर पहुंच गया। गैंगरेप के विरोध में दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं-छात्राओं पर अभिजीत ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर डाली।
विज्ञापन
एक न्यूज चैनल से बातचीत में अभिजीत ने प्रदर्शनकारी महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि छात्रों के नाम पर रैलियों में आने वाली सुंदर महिलाएं अत्यधिक सजी-धजी होती हैं। मुझे उनके वास्तव में छात्राएं होने पर संदेह होता है। अभिजीत के इस बयान पर विवाद छिड़ गया। सबसे पहले उनकी बहन शर्मिष्ठा मुखर्जी ने ही उनके बयान पर दुख जता दिया।
विज्ञापन
मामला बिगड़ता देख उन्होंने अभिजीत की तरफ से माफी भी मांग ली। टीवी चैनलों से लेकर सड़कों पर जब विरोध के सुर तेज होने लगे और धरना प्रदर्शन भी होने लगे तो अभिजीत ने भी खुद अपना बयान वापस लेते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह उन सब से माफी मांगते हैं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं। उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
विज्ञापन
गैंगरेप को लेकर देशभर में भड़की गुस्से की आग को जहां केंद्र सरकार हर तरीके से पानी डालकर ठंडा करने में जुटी है तो वहीं अभिजीत के बयान ने इसमें घी का काम किया। महिला संगठन जहां सड़कों पर उतर आए तो टीवी चैनलों पर पूरी कांग्रेस पार्टी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया गया। कांग्रेस ने भी उनके बयान से किनारा कर लिया। खुद अभिजीत की बहन शर्मिष्ठा ने चैनलों पर कहा कि मैं दुखी हूं। हर महिला और पुरुष से माफी मांगती हूं।
मेरे भाई ने जो कुछ कहा है, मैं उससे बहुत हैरान हूं। जब उनसे पूछा गया कि क्या अभिजीत को माफी मांगनी चाहिए तो उन्होंने कहा कि जरूर मांगनी चाहिए। न सिर्फ राष्ट्रपति के बेटे के रूप में बल्कि एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था। शर्मिष्ठा ने कहा कि उनके पिता (राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी) भी अभिजीत के इस बयान से सहमत नहीं होंगे। राष्ट्रपति ने भी कुछ दिन पहले ही जनता के गुस्से को न्यायसंगत बताया था और वह भी ऐसी बात कह चुकी हैं।
छात्राओं के नाम पर रैलियों में सुंदर सुंदर डेंटेड-पेंटेड महिलाएं पहुंच रही हैं। दिल्ली में जो हो रहा है वो गुलाबी क्रांति है, जिसका जमीनी हकीकत से कोई लेनादेना नहीं है। पहले ये महिलाएं कैंडल लेकर जुलूस निकालती हैं और फिर शाम को डिस्कोथेक में जाती हैं। हम भी छात्र रहे हैं। हमें पता है कि छात्रों को कैसे रहना चाहिए।
अभिजीत मुखर्जी, कांग्रेस सांसद और राष्ट्रपति के पुत्र