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प्रणब दा चाहते हैं राष्ट्रपति भवन आएं ज्यादा नौनिहाल
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
Updated Tue, 15 Jan 2013 08:38 PM IST
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राष्ट्रपति व राज्यपालों के लिए महामहिम शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगा चुके प्रणब दा चाहते हैं कि राष्ट्रपति भवन में ज्यादा से ज्यादा बच्चे आएं। राष्ट्रपति भवन और आम जनता के बीच की दूरी मिटाने की कोशिश में जुटे राष्ट्रपति अब आम लोगों से मिलना भी चाहते हैं।
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शनिवार और रविवार को राष्ट्रपति भवन के द्वार जनता के लिए खोल चुके प्रणब मुखर्जी की कोशिश है कि आम लोग इस ऐतिहासिक भवन के उन क्षेत्रों को देखें, जहां आजादी के 60 साल बाद तक उनकी पहुंच नहीं बन पाई है। अब ज्यादा से ज्यादा बच्चों के लिए भी राष्ट्रपति भवन को सुलभ बनाया जा रहा है।
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बच्चों को राष्ट्रपति भवन दिखाने के लिए संबंधित स्कूलों को आवेदन करना होगा। वैसे तो राष्ट्रपति भवन लोगों के लिए पहले भी खुला था, लेकिन अब खासतौर पर सप्ताह में शनिवार व रविवार इसके लिए तय कर दिए गए हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
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आम लोग अब राष्ट्रपति भवन के उन क्षेत्रों तक भी जा सकेंगे, जहां अब तक वे नहीं जा सकते थे। खासतौर पर अब राष्ट्रपति भवन की लाइब्रेरी को भी लोगों के लिए खोलने की योजना है। इस लाइब्रेरी में सन् 1800 में प्रकाशित किताबें भी हैं। लगभग दो हजार पुस्तकों वाली इस लाइब्रेरी को नया लुक दिया गया है, जहां अब खुद प्रणब दा अध्ययन करते हैं।
इन दिनों वे उन किताबों का अध्ययन कर रहे हैं, जिनसे यह पता चल सके कि ब्रिटिश सरकार ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था किस तरह संभाली थी। राष्ट्रपति भवन की योजना है कि इस लाइब्रेरी को शोध छात्रों के अध्ययन के लिए भी खोल दिया जाए। आम जनता इसे दूर से देख सकेगी।
प्रणब दा के रायसीना हिल्स पहुंचने के बाद ऐतिहासिक दरबार हॉल का नवीनीकरण कर उसका इस्तेमाल भी शुरू हो गया है। हाल में स्वामी विवेकानंद जन्मशती का कार्यक्रम इसी हॉल में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति की सचिव अमिता पॉल के अनुसार देश को आजादी मिलने के बाद पं. जवाहर लाल नेहरू को इसी हॉल में प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।
पहली कैबिनेट की बैठक भी इसी हॉल में हुई थी, लेकिन पिछले दो दशक से इसमें एक भी कार्यक्रम नहीं किया गया था। इसके साथ ही आम लोग अब अशोक हॉल, राष्ट्रपति भवन का बैंक्विट हॉल से लेकर तीनों ड्रॉइंग रूम भी देख सकेंगे।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेनु राजामणि के अनुसार अब फरवरी में सभी विश्वविद्यालयों के उप कुलपतियों की बैठक राष्ट्रपति भवन में ही करने की योजना है। आगे राज्यपालों की बैठक भी यहीं होगी। इसके लिए लॉग ड्रॉइंग रूम समेत इन सभी का नवीनीकरण किया गया है।