राजीव गांधी को इन दिग्गजों ने नहीं दी श्रद्घांजलि
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी बृहस्पतिवार को दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर शांति वन में उनके स्मारक वीर भूमि पर नहीं गए। 1991 में राजीव की हत्या के बाद यह पहला मौका था जब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें वीरभूमि पर जा कर श्रद्घांजलि नहीं दे पाए।
दरअसल ऐसा मोदी सरकार के उस फैसले के कारण हुआ जिसमें सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को छोड़ कर अन्य सभी नेताओं की जयंती और पुण्य तिथि से संबंधित कार्यक्रमों से खुद को अलग कर लिया था। बीते साल हुए इस फैसले के बाद राजीव की यह पहली पुण्यतिथि थी। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों ही वीरभूमि जाना चाहते थे। मगर एक तो सरकार ने खुद को ऐसे कार्यक्रमों से अलग कर लिया है।
दोनों हस्तियों को कोई सूचना नहीं दी
दूसरा कांग्रेस ने भी इस संबंध में दोनों हस्तियों को कोई सूचना नहीं दी। कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने सरकार के फैसले का अनुसरण किया। हालांकि वर्ष 2012 में खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर राजीव की पुण्य तिथि को बेहद सादगी से मनाने का आग्रह किया था।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, राबर्ट वाड्रा, कमलनाथ और गुलाम नबी आजाद ने वीर भूमि पहुंच कर राजीव गांधी को श्रद्घांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान सोनिया और प्रियंका बेहद भावुक हो गईं। पार्टी 20 अगस्त को राजीव गांधी के जन्म दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से विचार करने का अनुरोध जरूर कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।