भाजपा चुनाव जीती, तो यह बनेंगे डिप्टी PM!
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भाजपा इन दिनों चौतरफा मुसीबतें झेल रही है। एक तरफ जहां लोकसभा चुनावों में जीत की उम्मीद पैदा हो रही थी, वहीं टिकट बंटवारे और बागियों ने उसका सिरदर्द बढ़ा दिया है। जैसे यही काफी नहीं था।
उसकी नई मुसीबत भारत-पाकिस्तान सरहद से आई है। भाजपा के पुराने सहयोगी प्रकाश सिंह बादल ने अमृतसर चुनाव लड़ने पहुंचे अरुण जेटली की तारीफों के खूब पुल बांधे, लेकिन इसी तारीफ में वो एक ऐसी बात कह गए, जो भगवा दल के लिए नई परेशानी बन सकती है।
उनके एक बयान ने भाजपा के दूसरे वरिष्ठ नेताओं में खलबली मचा दी है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब के बीच बादल की तरफ से अरुण जेटली को सौंपा गया सपना, आफत बन सकता है।
बादल ने जेटली को बताया भावी डिप्टी पीएम
पंजाब के मुख्यमंत्री और एनडीए में भाजपा के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान सरहद पर बसे अटारी जिले में अरुण जेटली को भावी उप प्रधानमंत्री के रूप में मिलवाया, तो भाजपा में नया बवाल शुरू होने की आशंका खड़ी हो गई।
बादल ने कहा, "अगर सत्ता में आए, तो ये (जेटली) उप प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री बन सकते हैं।" बादल ने जेटली का ऐसा तार्रुफ शायद इसलिए कराया, क्योंकि उन्हें पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से लोहा लेना है।
लेकिन बादल की यह दरियादिली भाजपा पर भारी पड़ सकती है। जेटली का कद बढ़ाने के लिए दिया गया इस तरह का बयान भगवा दल में उनके दूसरे साथियों में जलन पैदा कर सकता है। पार्टी पहले से ही बगावत और टिकट बांटने के विवाद से जूझ रही है, ऐसे में यह नया विवाद उसका सिरदर्द बन सकता है।
आडवाणी को करना पड़ा था लंबा इंतजार
अगर नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा सरकार बनाती है, तो जाने-माने वकील और वाजपेयी सरकार में कानून, वाणिज्य एवं विनिवेश जैसे अहम पोर्टफोलियो संभालने वाले जेटली को कोई अहम जिम्मा मिलेगा, यह तय माना जा रहा है।
लेकिन मोदी का नंबर 2 बनने से जुड़ा यह जुमला पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के दिलों में आग लगाने के लिए काफी है। यहां तक कि लालकृष्ण आडवाणी को भी इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। वाजपेयी ने 2003 में उन्हें यह पद दिया था।
हालांकि, इससे बादल को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, जो यह दिखाना चाहते हैं कि जेटली पंजाबी हैं और अगर केंद्र में एनडीए की सरकार बनती है, तो उनके जरिए राज्य को क्या-क्या फायदा हो सकता है।
अमृतसर से चुनाव जिताने की कवायद
प्रकाश सिंह बादल ने कहा, "जेटली साहब ने पंजाबी मां का दूध पिया है।" उन्होंने कि जेटली हमारे 'बच्चे' की तरह हैं। वो अच्छी पंजाबी बोलते हैं और अमृतसर में पैदा हुए, जहां से उनकी मां ताल्लुक रखती हैं।
पंजाबी में बोलते हुए जेटली ने कहा, "हमें आपका आशीर्वाद चाहिए और हम आपकी दिक्कतों का समाधान मुहैया कराएंगे।" भाजपा नेता ने कहा कि सीमावर्ती इलाके की मांग, यूपीए सरकार में सामने आए घोटालों की तुलना में काफी कम हैं।
उन्होंने कहा, "आपको केवल 500 या 800 करोड़ रुपए की जरूरत है, जबकि देश में 10,000 करोड़ रुपए के घोटाले हो रहे हैं।" उन्होंने आपातकाल के दौर में बादल से मुलाकात भी याद की, जब उन्हें 19 महीने के लिए सलाखों के पीछे काटने पड़े थे। उन्होंने कहा, "बादल साहब ने सभी कैदियों को जलेबी पार्टी दी थी।"
कैप्टर अमरिंदर की चुनौती
अमृतसर सीट से भाजपा ने नवजोत सिंह सिद्धू की जगह अरुण जेटली को खड़ा किया और बादल परिवार ने उनका समर्थन देने के लिए सारी ताकत झोंक दी। सिद्धू और बादल परिवार के बीच रिश्ते कोई खास अच्छे नहीं रहे हैं।
हालांकि, जेटली को पंजाब में ज्यादा लोग जानते हैं या नहीं, यह भी सवाल है। शिरोमणि अकाली दल जानता है कि जेटली पंजाब के लिए नए हैं और साथ ही अमृतसर में वो ज्यादा प्रचार भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन पर राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी बहुत हैं, ऐसे में उन्हें जिताने की जिम्मेदारी बादल परिवार पर है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुकाबले में जेटली का प्रोफाइल बढ़ा करना जरूरी है, यह बात सही है। लेकिन बादल परिवार को यह भी याद रखना होगा कि इस तरह की बयानबाजी भाजपा में कलेश बढ़ा सकती है, जो पहले से चौतरफा दिक्कतें देख रही हैं।
जेटली को देनी पड़ी सफाई
अरुण जेटली ने बादल द्वारा कही गई बात से पल्ला झाड़ लिया है। जेटली ने कहा है कि इस तरह की बातें अक्सर चुनाव प्रचार के लिए कही जाती रही हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी तरह के पद के लिए नहीं कहा है। प्रकाश सिंब बादल ने अटारी में रैली के दौरान ये कहा था कि एनडीए की सरकार बनने पर जेटली उप प्रधानमंत्री बनेंगे।
इस पर उठे विवाद के बाद जेटली के सफाई देनी पड़ी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैंने कभी किसी पद के लिए नहीं कहा है।
हालांकि इस पर उनके विरोधियों ने भी निशाना साधा हुआ है। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि जेटली उप प्रधानमंत्री बनेंगे या फिर विपक्ष में बैठेंगे ये तो वक्त ही बताएगा।