रेल बजट के लिए सांसदों से मांगे दो योजना प्रस्ताव
रेल बजट की तैयारियों में मंत्री सुरेश प्रभु सांसदों के प्रस्तावों को भी अहमियत दे रहे हैं। अधिकांश सांसद रेल मंत्री के समक्ष प्रस्तावों और मांगों की लंबी फेहरिस्त सौंप रहे हैं लेकिन मंत्री ने हर सांसद से किसी दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सही का निशान लगाने को कहा है। बजट में इस बार रेलवे में स्वच्छता अभियान पर जोर रहेगा।
इस अभियान से इस बार धर्म गुरुओं और आध्यात्म जगत के प्रमुख हस्तियों को जोड़ा जाएगा। सूत्रों के अनुसार रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने श्री श्री रविशंकर और बाबा रामदेव जैसे शख्सियतों से संपर्क किया है। इस बारे में रेल मंत्री का धर्मगुरुओं से पत्राचार भी हुआ है। निरंकारी समाज को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
रेल मंत्री का मानना है कि धर्म गुरुओं के शिष्यों की उनकी प्रति आस्था से अस अभियान को आम जनों से जोड़ने में सफलता मिल सकती है। रेल बजट में स्वच्छता अभियान को प्रमुख स्थान मिलने के संकेत हैं।
डिजिटल अभियान से बदलेगी रेलवे की तस्वीर
रेल बजट में डिजटिलीकरण पर जोर दिए जाने के संकेत हैं। इससे दुर्घटनाओं को भी रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रेनों के सही समय पर परिचालन में इसका अहम योगदान रहेगा।
रेल सुरक्षा को खास अहमियत दी जाने वाली है। ओवर एज हो चुकी संपत्तियों को बदलने और जरूरी तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा पटरियों के चुस्त देख-रेख सिग्नल व्यवस्था और इंटरलाकिंग व्यवस्था, कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सुरक्षा अभियान को बढ़ावा देने तथा नियमित रूप से मानिटरिंग की व्यवस्था पर जोर दिया जा सकता है। उन्नत विजलेंस कंट्रोल डिवाइस, वार्निंग सिस्टम में सुधार, रंगीन एईडी लाइट सिग्नल आदि आधुनिक तकनीक के उपयोग से दुर्घटनाओं पर नियंत्रण की कोशिश को रेल बजट में शुमार किया जा सकता है।
रेल दुर्घटनाओं में पिछले साल कमी दर्ज की गई है। 2014 में एक अप्रैल से 10 दिसम्बर तक में 105 रेल दुर्घटनाएं हुईं थी जबकि 2015 में इस अवधि में यह घटकर 81 पर पहुंच गईं। नए वित्तीय वर्ष में इसमें और कमी लाने के प्रयास का जिक्र रेल बजट में शामिल हो सकता है।
उप्र और उत्तराखंड को अहमियत के संकेत
उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड में विधानसभाओं के चुनाव नजदीक हैं। लिहाजा इन प्रदेशों की रेल योजनाओं को रेल बजट में प्रमुख स्थान मिल सकता है।
उत्तराखंड में चारधामों गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, और केदारनाथ की यात्रा को रेल मार्ग से सुगम बनाने की दिशा में प्रयास संभव है। इसके लिए सर्वे कराया जा चुका है। कुल 327.11 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर 43292 करोड़ के खर्च का अनुमान है। बजट में इसके लिए प्रावधान संभव है।
सांसदों ने इस आशय के प्रस्ताव भी दिए हैं। उप्र में सोनिया गांदी और राहुल गांधी के चुनाव क्षेत्र में ऊंचाहार-अमेठी-सुलतानपुर-शाहगंज सेक्शन के लिए 966 करोड़ की योजना मंजूर की गई थी। इसे पूरा करने के लिए कुछ सांसदों ने प्रस्ताव किया है। रेल मंत्रालय ने जमीन के लिए राज्य सरकार से संपर्क किया है।