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जानिए, क्या है नए रेल मंत्री का प्लान?

Tue, 11 Nov 2014 08:29 AM IST
Updated Tue, 11 Nov 2014 08:29 AM IST
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prabhu's special plans on rail ministry.

मंत्री पद की शपथ लेने से ठीक पहले भाजपा में शामिल कराना और ऊपर से रेल जैसा भारी-भरकम मंत्रालय का कार्यभार सौंपना, कुछ तो खास है सुरेश प्रभु में जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर इतना भरोसा दिखाया है। यह वह भरोसा है जिस पर शायद पिछले रेल मंत्री सदानंद गौड़ा खरे नहीं उतर पाए।

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रेलवे प्रधानमंत्री के एजेंडे में किस कदर प्रमुख है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकार बनने के कुछ सप्ताह में ही मोदी ने गौड़ा और उनकी टीम के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अपनी इच्छाओं से अवगत कराया।
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रेल बजट में मोदी की इच्छाओं की छाप भी दिखी, लेकिन पांच महीने में गौड़ा ने वह रफ्तार नहीं पकड़ी जिसके प्रधानमंत्री आदी हैं। नतीजा यह हुआ कि गौड़ा का विभाग बदल दिया गया। अब पीएम के रेल एजेंडे को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी प्रभु पर है।
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प्रधानमंत्री के एजेंडे में चारों धामों को रेल मार्ग से जोड़ना, हाईस्पीड से लेकर बुलेट ट्रेन, रेलवे यूनिवर्सिटी, ट्रेनों में वाई-फाई और ट्रेनों में साफ-सफाई प्रमुख हैं। रेल बजट में इसकी घोषणा तो हुई, लेकिन सही रफ्तार से काम नहीं हुआ।

'अच्छे काम पुरस्कार, खराब काम पर सजा भी'

prabhu's special plans on rail ministry.

अब इसे तेजी से पूरा करने की जिम्मेदारी प्रभु पर है। यही कारण है कि सोमवार को कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने कहा कि वह बजट में शामिल योजनाओं और घोषणाओं को पूरा करेंगे।

साथ ही उन्होंने पहले ही दिन अपनी कार्यप्रणाली का उदाहरण भी दे दिया। प्रभु ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज के लिए तैयार ऑनलाइन सिस्टम से खुश होकर इसकी टीम को पांच लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा कर डाली।

प्रभु ने कहा कि वह यह राशि अच्छे कार्य के लिए दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने इशारा कर दिया कि खराब काम के लिए दंडित करने में भी वह कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने अगले तीन साल में रेल मंत्रालय में व्यापक बदलाव लाने का भरोसा भी दिलाया है।

वैसे बजट में की गई घोषणाओं और पीएम की अपेक्षाओं को पूरा करना प्रभु के लिए इतना आसान नहीं होगा। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रेलवे की माली हालत है। जाहिर है कि सबसे पहले उन्हें रेलवे में नए आर्थिक स्रोतों की पहचान करनी होगी।

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