फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   power cuts also will be in metro and hospitals

...तो मेट्रो और अस्पतालों की बिजली भी हो जाएगी गुल

Fri, 07 Feb 2014 01:18 AM IST
Updated Fri, 07 Feb 2014 01:18 AM IST
विज्ञापन
power cuts also will be in metro and hospitals

बिजली वितरण कंपनी राजधानी पावर लिमिटेड और यमुना पावर लिमिटेड ने दिल्ली सरकार के ऊर्जा विभाग और दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा है।

विज्ञापन


डिस्कॉम्स ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 10/11 फरवरी की रात से आम बिजली उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पताल और मेट्रो में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

पत्र में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के पास बीआरपीएल का 166.35 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा यमुना पावर लिमिटेड का 95.79 करोड़ रुपये बकाया है। यदि इस बकाया राशि से सरकार स्वयं एनटीपीसी को भुगतान कर दे तो वर्तमान स्थिति से दिल्ली के लोगों को उबारा जा सकता है।

विज्ञापन

बिजली वितरण कंपनियों पर एनटीपीसी का बकाया

power cuts also will be in metro and hospitals

गौरतलब है कि बिजली वितरण कंपनियों पर एनटीपीसी का बकाया है और उसने चेतावनी दी है कि पैसे नहीं चुकाए तो वो बिजली देना बंद कर देगी।

राजधानी पावर लिमिटेड के सीईओ अरविंद गुजराल की ओर से सरकार को लिखे गए पत्र में इस काम को प्राथमिकता पर किए जाने की बात कही गई है।

वहीं, यमुना पावर लिमिटेड के सीईओ की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के पास बिजली कंपनी का स्ट्रीट लाइट का 118 करोड़ रुपये बकाया है।

पूर्वी एमसीडी पर 80 करोड़ बकाया है। यदि सरकारी एजेंसियों की ओर से भुगतान नहीं किया जाता है तो दिल्ली के करीब 33 लाख उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

power cuts also will be in metro and hospitals

दिल्ली में बिजली वितरण कर रही अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों ने एनटीपीसी के खिलाफ बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

एनटीपीसी ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर बकाया भुगतान न करने की स्थिति में बिजली आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है। इस मसले में शुक्रवार को सुनवाई होगी।

एनटीपीसी की चेतावनी के बाद पैदा हुए हालात की जानकारी देने के लिए डीईआरसी के चेयरमैन बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल के पास पहुंचे। दोनों के बीच करीब आधे घंटे चर्चा हुई। इस दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि किसी भी हालत में दिल्ली में अंधेरा न हो।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed