फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   postcards incurring loss of about rs 7 per unit, sales dip

जानिए, किस हाल में है पोस्ट कार्ड?

Tue, 15 Jul 2014 05:42 PM IST
Updated Tue, 15 Jul 2014 05:42 PM IST
विज्ञापन
postcards incurring loss of about rs 7 per unit, sales dip

एक समय था जब डाक विभाग की पहचान पोस्ट कार्ड हुआ करता था। वह पोस्ट कार्ड जो मोबाइल और सूचना क्रांति के दौर से पहले रोजाना न जाने कितने ही घरों की चौखट पर लोगों को इंतजार कराता था।

विज्ञापन


आज वही पोस्ट कार्ड फेसबुक, ट्विटर, वॉट्स एप, ई मेल के क्रांतिकारी दौर में अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। मगर सरकार पोस्ट कार्ड छापकर करोड़ों का घाटा सह रही है, फिर भी पाती लिखने की परंपरा की खातिर इसे बंद करने का फिलहाल उसका कोई इरादा नहीं है।
विज्ञापन


संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी मान लिया है कि पोस्टकार्ड की बिक्री में लगातार कमी आ रही है और यह बेहद घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

'बंद नहीं होगा पोस्ट कार्ड'

postcards incurring loss of about rs 7 per unit, sales dip

दरअसल भाजपा सांसद सुनील कुमार सिंह को पोस्ट कार्ड की याद आ गई। उन्हें लगा कि सरकार इसको बंद तो नहीं करने जा रही है।

फिर क्या था वह इस मामले को लोकसभा में ले आए। उन्होंने सदन के पटल पर बाकायदा सवाल रखते हुए मंत्रालय से पोस्ट कार्ड पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

हालांकि रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट कर दिया है कि पोस्ट कार्ड को मंत्रालय बंद नहीं करने जा रहा है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि व्यक्तिगत संचार के लिए मोबाइल फोन, ई-मेल आदि के प्रयोग में हुई वृद्धि के फलस्वरूप इसकी बिक्री में कमी आई है।

पिछले वर्ष 10.44 करोड़ पोस्ट कार्डों का मुद्रण कराया गया था, लेकिन इस साल सिर्फ 8.13 करोड पोस्ट कार्ड ही मुद्रित कराए गए हैं। एक पोस्ट कार्ड पर सरकार को लगभग सात रुपये का घाटा बैठ रहा है।

साल 2012-13 में पोस्ट कार्ड पर कुल घाटा 90.47 करोड़ रहा। इस साल 9.56 करोड़ पोस्ट कार्डों का मुद्रण हुआ था। साल 2011-12 में 10.59 करोड़ पोस्ट कार्डों पर 107.83 करोड़ का घाटा सहना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed