गल चुके शवों के पोस्टमॉर्टम का क्या होगा नतीजा?
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कटरा सआदतगंज मामले में 35 दिन की जांच के बाद कोई नतीजा न निकलने से सीबीआई ऊहापोह में है। एक तो जांच एजेंसी अभी तक पोस्टमॉर्टम की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है दूसरे उसे शवों के दोबारा पोस्टमॉर्टम में भी कुछ खास मिलने की उम्मीद बहुत कम ही है। एक्सपर्ट की मानें तो पचास से भी अधिक दिन बाद जमीन में दबे दोनों शवों का ज्यादातर हिस्सा अब तक गल चुका होगा। ऐसे में शवों का दोबारा पोस्टमॉर्टम करके क्लू तलाशना एक्सपर्ट के सामने किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि लड़कियों की बच्चेदानी, श्वांस नली, दिल का कुछ हिस्सा और गले की हड्डी अगर सुरक्षित बचती है तो दोबारा पोस्टमॉर्टम से काफी हद तक मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। अगर लड़कियों के सिर नहीं खोले गए हैं तो उनके ब्रेन की कुछ झिल्लियां सुरक्षित हो सकती हैं। अगर उनकी मौत दम घुटने से हुई है तो इन झिल्लियों में खून के चकत्ते जमा हो सकते हैं। इसके अलावा उनकी श्वांस नली और बच्चेदानी भी कुछ क्लू दे सकती है। एक्सपर्ट की मानें तो इन हिस्सों समेत दिल के कुछ हिस्से भी शरीर रेत में दफन होने की वजह से कुछ हद तक सुरक्षित मिल सकते हैं।
यही नहीं, लड़कियों के नाखूनों में फंसे मैटेरियल के जरिए भी एक्सपर्ट क्लू तलाशने की कोशिश कर सकते हैं। नाखूनों और इनमें मिले मैटेरियल की डीएनए जांच कराकर रेप की क्लू मिल सकते हैं। इसके अलावा प्यूविक हेयर (नीचे के बाल) भी रेप की पुष्टि में जांच एजेंसी की मदद कर सकते हैं। लड़कियों की हड्डियों से जांच एजेंसी उनकी वास्तविक आयु की पुष्टि के साथ यह पुष्टि भी कर सकती है कि कहीं यह विषाक्त पदार्थ के सेवन का मामला तो नहीं है।
मिट्टी की बोरियों से घेरी गई कब्रें
अटैना घाट पर दफनाए गए दोनों लड़कियों के शवों को गंगा के बढ़े जलस्तर से सुरक्षित रखने के लिए कब्रों को मिट्टी भरे बोरों से घेर दिया गया है। दरअसल, पिछले दो दिन में गंगा में पानी बढ़ गया है। इसके चलते कब्रों और गंगा की धारा के बीच की दूरी आठ मीटर से घटकर तीन मीटर रह गई है। ऐसे में खतरे के मद्देनजर सीबीआई के निर्देश पर पुलिस ने बाढ़ खंड की सहायता मांगी थी। इसके बाद बृहस्पतिवार देर रात बाढ़ खंड के एक्सईएन डीके जैन ने सहायक अभियंता अखिलेश कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम को कब्रों को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
इस बाबत अखिलेश कुमार ने बताया कि बाहरी पानी से लाशों को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने गंगा की ओर सवा मीटर ऊंचाई और दाएं-बाएं ढाई फिट ऊंचाई और पीछे की ओर दो फिट ऊंचाई में मिट्टी के बोरे लगवाए हैं। यह सुरक्षा घेरा बनाने के लिए 35 मजदूर लगाए गए थे और करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इस सुरक्षा घेरे से सवा लाख क्यूसेक पानी रोका जा सकता है। उनका कहना है कि गंगा में फिलहाल 45 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है, जो नरौरा से देर शाम छोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार से गंगा में छोड़ा गया सवा लाख क्यूसेक पानी 21 की शाम तक अटैना घाट पर पहुंचेगा लेकिन स्थानीय स्तर पर हुई बारिश से गंगा में पानी बढ़ गया है। उनके मुताबिक गंगा का पानी जमीन की सतह के नीचे भी चलता है। जैसा गांव वालों ने बताया दो-ढाई फिट की गहराई में लाशें दबाई गई हैं। अगर, ऐसा है तो लाशें गंगा के सतही पानी में डूबी होंगी।
गांव में ही होगा दोबारा पोस्टमॉर्टम
बदायूं के कटरा सआदतगंज में दो लड़कियों से रेप और हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई दोनों शवों का दोबारा पोस्टमॉर्टम कटरा सआदतगंज गांव में ही कराएगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के पैनल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की राय पर जांच एजेंसी ने ऐसा करने का निर्णय लिया है। दोनों शवों का दोबारा पोस्टमॉर्टम रविवार को किया जाना है।
इसके लिए एम्स के डॉक्टरों और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंटिफिक लैबोरेट्रीज (सीएफएसएल) की टीम शनिवार शाम तक बदायूं पहुंच जाएगी। यही टीम दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करेगी। सीबीआई सूत्रों की मानें तो इन टीमों के साथ अत्याधुनिक उपकरणों से लैस वैन भी होंगी।
इस बीच पानी बढ़ने के कारण गंगा की धारा और कब्रों के बीच तीन मीटर का फासला रहने के मद्देनजर स्थानीय बाढ़ खंड की पांच सदस्यीय टीम ने वहां ऐहतियाती इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
पहले पोस्टमॉर्टम में छोड़ी थी कई खामियां
बता दें कि दोनों लड़कियों के शवों का पोस्टमॉर्टम 28 मई को डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. राजीव गुप्ता और डॉ. पुष्पापंत त्रिपाठी के पैनल ने किया था। इस पैनल ने पोस्टमॉर्टम में कई खामियां छोड़ दी थीं। इन खामियों को पकड़ने के लिए जांच एजेंसी ने कई बार डॉक्टरों से पूछताछ की लेकिन इसका नतीजा नहीं निकला। इसके बाद सीबीआई ने दोनों शवों का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया। जांच एजेंसी ने इस पर राय लेने के लिए एक मेडिकल बोर्ड भी बनाया था।
मेडिकल बोर्ड से इसके लिए हरी झंडी मिलने के बाद दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए 20 जुलाई की तारीख तय की गई। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक शवों को फिर से पोस्टमॉर्टम के लिए एम्स नहीं ले जाया जाएगा। पोस्टमॉर्टम कटरा सआदतगंज में ही कराया जाएगा।
दोनों लड़कियों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद कटरा सआदतगंज के नजदीक अटैना गंगा घाट पर दफनाए गए थे। अब रविवार को 50 दिन बाद दोनों शवों को फॉरेंसिक एक्सपर्ट की निगरानी में जमीन से बाहर निकाला जाएगा।