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भाजपा के टकराव से खुली तीसरे मोर्चे की राह
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 11 Jun 2013 03:07 PM IST
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लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी में आई दरार से तीसरा मोर्चा बनने की सुगबुगाहट एक बार फिर तेज हो गई है।
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव समिति का प्रमुख बनाने के बाद आडवाणी ने पार्टी में तीन पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस पर तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल और जनता दल यूनाइटेड जैसे क्षेत्रीय दलों के रुख से तीसरी मोर्चे की संभावना को बल मिला है।
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ममता की अपील
तृणमूल कांगेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने ट्वीट के जरिए तीसरे मोर्चे के लिए खुलेआम अपील भी कर दी है।
उन्होंने ट्वीट किया, 'मैं सभी गैर कांग्रेसी और गैर भाजपा सरकारों से एकजुट होकर कुशासन और जनविरोधी निर्णयों से लड़ने की अपील करती हूं। समय आ गया है कि सभी क्षेत्रीय दल साथ आएं और एक संघीय ढांचे का निर्माण करें।'
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ममता बनर्जी पहले भी अन्य मंचों से तीसरे मोर्चे की बात उठा चुकी हैं। कांग्रेस से अलग होने के बाद ममता के भाजपा के साथ आने के कयास लगाए जा रहे थे। नरेंद्र मोदी ने भी कोलकाता में एक समारोह के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना कर ममता को रिझाने की कोशिश की थी, लेकिन इस ट्वीट के बाद वह किसी के साथ न जाकर तीसरा मोर्चा खड़ा करने के प्रयास करती दिख रही हैं।
नवीन पटनायक भी तैयार
वहीं, तीसरे मोर्चे का समर्थन करते रहे ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए सक्षात्कार में तीसरे मोर्चे की संभावना से इंकार नहीं किया है।
पटनायक ने कांग्रेस और भाजपा दोनों से राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर गठबंधन से इंकार करते हुए मौजूदा राजनीतिक स्थिति और जनमत सर्वेक्षणों के आधार पर तीसरे मोर्चे को यूपीए और एनडीए का विकल्प बताया है।
इतना ही नहीं उन्होंने गुजरात के विकास के लिए नरेंद्र मोदी के बजाए गुजरात की जनता को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि मोदी हो या आडवाणी, दोनों ही स्थिति में वह भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।
बीजू जनता दल प्रमुख ने बताया कि वह 12 जून से दिल्ली में विशेष राज्य की मांग पर रैली भी करने वाले हैं।
जदयू हो सकता है साथ
इसी कड़ी में एनडीए के प्रमुख दल जनता दल यूनाइटेड ने भी भारतीय जनता पार्टी में चल रहे घटनाक्रम के बाद भाजपा से गठबंधन पर फिर से विचार करने की बात कही है।
आडवाणी के इस्तीफे के बाद जदयू के अध्यक्ष शरद यादव ने मीडिया के सामने कहा, 'एनडीए में हम अटल जी और आडवाणी के साथ ही जुड़े थे। उन दोनों के सामने ही सारे समझौत हुए थे। अब ये दोनों नहीं हैं तो हमें देखना होगा कि आगे की राह क्या है। हम गठबंधन पर नए सिरे से विचार करेंगे।'