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ऐसी खबरें बना सकती हैं ये साल, एक नजर 20 पॉजिटिव न्यूज पर

Fri, 01 Jan 2016 11:19 AM IST
रोहित कुमार पोरवाल/ उमर उजाला, दिल्ली
रोहित कुमार पोरवाल/ उमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 01 Jan 2016 11:19 AM IST
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वो नारी उत्थान और सशक्तिकरण के नारों से भरी तख्तियों में नहीं समाई। उसने टीवी पर उड़ान सीरियल देखा और हकीकत की जमीन से उड़ान भरने के लिए तैयार हो गई। पुरुष प्रधान समाज में नारी सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश करने वाली आईपीएस संगीता कालिया उस वक्त सुर्खियों में छा गईं जब भरी सभा में हरियाणा के स्वास्थ्यमंत्री अनिल विज के अभद्र व्यवहार का करारा जवाब दिया।

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अनिल विज ने जब संगीता कालिया पर ये कहते हुए आरोप लगाया कि शराब बिक्री में पुलिस की मिलीभगत है तो कालिया ने विज को ये कहते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया कि शराब पुलिस नहीं, सरकार बिकवाती है। सरकार ही शराब के लिए लाइसेंस देती है।
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विज ने कालिया को बेइज्जत कर सभा से जाने को कहा तो कालिया ने जाने से मना कर दिया। मामले की आंच सूबे के सीएम मनोहरलाल खट्टर के अलावा देश भर में पहुंची। बाद में पता चला कि संगीता कालिया का तबादला कर दिया गया। तबादले की खबर से फतेहाबाद, हिसार, सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी और रोहतक में कई सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।
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संगीता कालिया, पुलिस बल में कारपेंटर (बढ़ई) रहे पिता की बेटी है। देश ऐसी हिम्मती और ईमानदार महिला आईपीएस जैसी हजारों संख्या में चाहता है।

दिहाड़ी मजदूर के दो बेटे आईआईटी में

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प्रतिभा कभी सहूलियतों की मोहताज नहीं होती। 2015 में ये साबित कर दिखाया यूपी के दो बेटों ने। राजू और बृजेश प्रतापगढ़ के रहने वाले दिहाड़ी मजदूर धर्मराज सरोज के बेटे हैं। दोनों ने देश के टॉप इंजीनियरिंग सस्थान आईआईटी के लिए बाजी मारी।

आईआईटी में चयन के बाद संस्थान में प्रवेश के लिए फीस की समस्या सामने आई तो वो भी हल हो गई। पहले राहुल गांधी ने आर्थिक मदद की घोषणा की, फिर शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी ने दोनों की फीस मांफी की घोषणा की। और फिर यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने दोनों की पढ़ाई का खर्च उठाने का ऐलान कर दिया।

सबसे खास बात ये रही कि जहां आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए तमाम छात्र महंगी से महंगी कोचिंग लेते हैं, वहीं राजू और ब्रजेश ने घोर गरीबी में खुद से तैयारी की और परीक्षा में परचम लहरा दिया।

लड़कों के पिता धर्मराज सरोज दिहाड़ी मजूरी करके घर बमुश्किल घर का खर्च चला पाते हैं। लेकिन इनके दो बेटों राजू और ब्रजेश को ये मुफिलिसी भी हैरान नहीं कर पाई और राजू को 167वीं रैंक जबकि दूसरे बेटे ब्रजेश को 410 रैंक पर चयन पाया। इस साल भी सभी को उम्मीद है कि देश की माटी के लाल फिर से इसी तरह बाजी मारेंगे।

बूढ़े हाथों को सीएम अखिलेश की टाइपराइटर सौगात

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लखनऊ के गोमतीनगर निवासी कृष्ण कुमार जीपीओ के सामने फुटपाथ पर टाइपिंग कर गुजारा करते हैं। खाकी की ठसक में चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने बुजुर्ग पर लात-घूसे बरसाए।

लेकिन इस घटना का वीडियो वायरल हो गया और सीएम अखिलेश यादव ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बूढ़े हाथों को टाइपराइटर भिजवा दिया।

टाइपराइटर देने गए जिलाधिकारी ने बुजुर्ग से पुलिस के कुकृत्य के लिए न सिर्फ अफसोस जताया, मांफी भी मांगी। कृष्ण कुमार बीते 35 साल से जीपीओ के सामने फुटपाथ पर ही टाइपिंग का काम कर रोजी-रोटी चलाते आ रहे हैं।

2015 में साइना 3 बार बनीं नंबर वन

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भारत की बैडमिंटन सुपर स्टार साइना नेहवाल के लिए ये साल बेहद शानदार रहा और उन्होंने 3 बार अपने खेल के शीर्ष पायदान तक का सफर तय किया। उन्होंने 2 अप्रैल को पहली बार दुनिया की नंबर वन बैडमिंडन खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

साइना विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं साथ ही वह चीन के दबदबे वाले इस खेल में नंबर वन तक पहुंचने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी हैं। उनसे पहले महान खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण अपने करियर में 80 के दशक में पुरुष रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे थे।

साइना ज्यादा देर तक शीर्ष पायदान पर काबिज नहीं रह सकी थीं और एक हफ्ते बाद उनकी शीर्ष रैंकिंग गिर गई, लेकिन एक हफ्ते बाद वह फिर से नंबर वन गईं। तीसरी बार वह अगस्त में फिर नंबर वन बनीं हालांकि साल के अंत होते-होते वह तीसरे पायदान पर खिसक गई थी। उम्मीद है कि वह अगले साल एक बार फिर से नंबर वन बनेंगी और इस बार ज्यादा समय तक पहले पायदान पर रहेंगी।

साइना की तरह अप्रैल में ही सानिया भी बनी थी नंबर वन

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भारत की टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा ने साइना नेहवाल की तरह अप्रैल में ही दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। 12 अप्रैल को स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस के साथ डब्ल्यूटीए फैमिली सर्किल कप खिताब जीतते के साथ ही सानिया वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर वन डबल्स खिलाड़ी बन गई थीं।

साल की शुरुआत सानिया ने छठे नंबर की खिलाड़ी के रूप में किया था, लेकिन अप्रैल में नंबर वन बनने के बाद इस पायदान पर अपना कब्जा जमाए रखा और साल का अंत भी इसी नंबर के साथ किया।

29 साल की सानिया ने हिंगिस के साथ इस साल कोर्ट में गजब का खेल दिखाया इस साल सानिया ने विंबल्डन और यूएस ओपन में महिला युगल का खिताब जीतने के साथ ही साल के अंत में होने वाले टूर फाइनल्स भी जीता। इस साल सानिया ने 10 युगल खिताब जीते जिसमें उन्होंने 9 हिंगिस के साथ थे।

सानिया से पहले लिएंडर पेस और महेश भूपति नब्बे के दशक में शीर्ष रैंकिंग पर पहुंचे थे। सानिया नंबर एक रैंकिंग पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। साथ ही वह ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली भी भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। उम्मीद है कि वह अगले साल भी इसी शीर्ष पायदान के साथ अपना कई और खिताब जीतेंगे।

साल के आखिरी दिन अश्विन ने रचा इतिहास

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साल 2015 में लाजवाब प्रदर्शन करने वाले टीम इंडिया के फिरकी गेंदबाज आर अश्विन के खाते में साल के अंतिम दिन ऐसी खुशी मिली कि जो 42 सालों में किसी भारतीय को नहीं मिली थी। आर अश्विन साल के अंतिम दिन आईसीसी की ओर से जारी नई टेस्ट रैंकिंग में दुनिया के नंबर वन गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने लंबे समय से इस पायदान पर काबिज दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को पीछे छोड़ा।

31 दिसंबर से पहले अश्विन दुनिया के शीर्ष फिरकी गेंदबाज थे लेकिन अब वह नंबर वन टेस्ट गेंदबाज हो गए हैं। नंबर वन गेंदबाज के रूप में साल का समापन करने वाले अश्विन 1973 के बाद पहले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले सन 1973 में बिशन सिंह बेदी ने इस मुकाम को सबसे पहले हासिल किया था।

आर अश्विन साल 2015 का समापन दुनिया के 3 बड़े सम्मान के साथ करने जा रहे हैं। 31 दिसंबर को शीर्ष गेंदबाज बनने के साथ ही वह साल 2015 में टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के अलावा शीर्ष ऑलराउंडर भी हैं तो वह 3 बड़े सम्मान के साथ अगले साल में प्रवेश करेंगे।

साल 2015 में सबसे ज्यादा 62 विकेट लेकर सफल गेंदबाज के रूप में नाम दर्ज कराने वाले आर अश्विन इसी महीने 8 (दिसंबर) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बार पहली बार शीर्ष ऑलराउंडर बने थे।

इन सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू खत्म

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बीते साल बयां हुई पीएम मोदी के मन की बात उन तमाम लोगों के लिए नए साल का तोहफा साबित हो सकती है जो लोग समूह बी (गैर राजपत्रित), समूह सी और ऐसे ही समकक्ष पदों पर सरकारी नौकरी के लिए तैयारी में जुटे हैं।

अब केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पदों पर नियुक्ति के लिए अब इंटरव्यू नहीं देना होगा।

दरअसल, इन पदों के लिए भी प्रतिभागियों को सारे टेस्ट पास करके इंटरव्यू से गुजरना पड़ता था। पीएम मोदी की पहल से अब इन पदों के लिए साक्षात्कार नहीं होगा। नियम आज से ही यानी 1 जनवरी से लागू हो गया है।

अब केवल समूह ए और बी (राजपत्रित) पदों के लिए इंटरव्यू होगा।  कार्मिक विभाग के आदेश के मुताबिक मंत्रालय नियुक्ति प्रक्रिया में अपने हिसाब से शारीरिक या कौशल टेस्ट को बनाए रख सकते हैं। हालांकि, इन टेस्ट में केवल पास करना अनिवार्य होगा। इन टेस्ट के नंबर के आधार पर उम्मीदवार का समग्र मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।

बिहार और केरल में शराबबंदी!

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बिहार चुनाव से पहले सीएम सीएम नीतीश कुमार ने सूबे में आगामी 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी की घोषणा की थी। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि फैसले से भारी राजस्व के नुकसान के चलते फैसला वापस भी लिया जा सकता है या बदला जा सकता है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नीतीश को सलाह दी कि शराबबंदी का दायरा देसी शराब तक ही सीमित रखना ठीक होगा। राजस्व विभाग के मुताबिक शराबबंदी से करीब 5 हजार 500 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटे का सामना करना पड़ेगा।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने केरल में शराबबंदी लागू करने के तहत बनाई गई केरल सरकार की शराब नीति पर मुहर लगा दी। इस नीति के तहत सिर्फ फाइव स्टार होटलों के बार में शराब परोसने की इजाजत होगी। गैर पांच सितारा होटलों में शराब की बिक्री और सेवन वर्जित होगा।

राज्य के होटल और बार मालिकों ने इस नीति को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी लेकिन हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

जख्मों पर मरहम मोदी का औचक पाक दौरा!

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पीएम मोदी का पाकिस्तान का औचक दौरा सियासी पंडितों और कट्टरपंथियों के गले नहीं उतरा लेकिन भारत और पाकिस्तान के तल्ख रिश्तों में थोड़ी नरमी जरूर लाया है। काबुल से सीधे इस्लामाबाद पहुंच गए मोदी की जहां कुछ आलोचकों ने तारीफ की तो वहीं विपक्ष मोदी को पानी पीकर कोसता नजर आया।

बीते दिनों मोदी अफगानिस्तान की नई संसद से उद्घाटन समारोह में गए थे तभी वहीं से मोदी पाकिस्तान निकल गए। पाक पीएम नवाज शरीफ ने गर्मजोशी से मोदी का स्वागत किया और कहा कि यह उचित समय है कि भारत और पाकिस्तान अपने बैर को दूर करें।

इसके अलावा पीएम मोदी ने 25 दिसंबर को शरीफ के 66वें जन्म दिन और उनके परिवार में एक शादी के मौके पर लाहौर की अचानक यात्रा की थी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा की गारंटी के बाद ही पीएम मोदी का पाकिस्‍तान दौरा तय हुआ था। यह पिछले 10 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली पाकिस्तान यात्रा थी।

भारतीय कंपनी ने बना दी अफगानिस्तान की संसद

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अफगानिस्तान में लोकतंत्र के मंदिर को जब आतंकियों ने बम धमाके में उड़ा दिया तो भारत ने नई संसद बनाने की जिम्मेदारी ली। इसका निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कराया। इसके निर्माण में 600 करोड़ रुपये की लागत आई।

नई संसद बनाने का साल 2004 में रखा गया था। इस प्रस्ताव को संसद ने सर्व सम्मति से पास कर दिया जिसके बाद अगस्त 2005 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसकी नींव रखी थी।

आखिरकार कुछ लेटलतीफी के बाद 25 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नए संसद भवन का उद्धघाटन कर इसे अफगानिस्तान की जनता को समर्पित किया। संसद में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से अटल ब्लॉक भी बनाया गया है।

डीएम ने खाया विधवा के हाथ से बना मिड-डे मील

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आज दुनिया में बिरले ही लोग ऐसे हैं जो जागरुकता का चिराग रौशन कर समाजिक बुराइयों और रूढ़ियों के अंधकार को मिटाने की कोशिश करते हैं। इसी फेहरिस्त में बिहार के एक युवा डीएम राहुल कुमार का नाम जुड़ गया है।

दरअसल बिहार के गोपालगंज के कल्याणपुर पंचायत में स्कूल में 6 साल से मिड-डे मील बना रही एक विधवा को गांव वालों ने खाना बनाने से रोक दिया था।

डीएम राहुल कुमार को जैसे ही खबर मिली, वह खुद स्कूल पहुंच गए। उन्होंने उसी महिला से मिड डे मील बनवाया और खुद भी खाया। डीएम ने आदेश दिया कि खाना वही विधवा बनाएंगी।

मुखिया रामदेव पासवान ने मुताबिक ग्रामीणों ने अपशकुन का हवाला दिया था, जिससे विधवा को खाना बनाने से रोक दिया था। इस काम के लिए डीएम राहुल कुमार की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ भी हुई।

गीता और रमजान की वापसी से मिटी दूरियां

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पाकिस्तान से गीता की वापसी सकारात्मक रवैये की बानगी मानी जा सकती है। करीब पंद्रह वर्षों पहले भटक कर सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गई मूक-बधिर गीता के लिए स्वदेश वापसी जन्नत का दरवाजा खुलने सरीखी है।

पाकिस्तान प्रवास के दौरान गीता की देखभाल विश्व प्रसिद्ध समाजसेवी अब्दुल सत्तार ईदी और उनके परिवार ने की।

गीता के स्वदेश वापस लौटने के बाद दो साल से भोपाल में रह रहे 15 वर्षीय पाकिस्तानी किशोर रमजान को वापस भेजने की मुहिम तेज हुई।

रमजान पाकिस्तान के कराची शहर का रहने वाला है और करीब पांच साल पहले अपनी मां से बिछड़ गया था।

बाल काटने वाला बन गया अरबपति

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बाल काटते-काटते कोई अरबपति बन जाए ये बात हजम नहीं होती, लेकिन ये सच है। जी हां, बंगलुरू के एक नाई के पास 67 कारों का काफिला है। जिनमें बेशकीमती जैगुआर और रॉल्स रॉयस भी शुमार हैं।

बचपन में बेहद मुफलिसी के दिन गुजारने वाले रमेश आज अरबों की संपत्ति के साथ शान-औ-शौकत की जिंदगी गुजार रहे हैं।
 
रमेश के पिता चेन्नास्वामी स्टेडियम के पास नाई की एक दुकान चलाते थे। पिता के निधन के बाद कुछ दुकान पांच रुपए किराए पर दे दी गई, लेकिन रमेश ने पिता की दुकान में काम करने की ठानी और बाल काटने का काम शुरू कर दिया।

रमेश ने दुकान को आधुनिक स्वरूप दिया और कुछ पैसे कमाकर एक मारुति वैन खरीदी। इस कार को वह किराए पर देने लगे और 2004 में एक ट्रेवल कंपनी की नींव डाली।

अपने काफिले में रमेश ने धीरे-धीरे रॉल्स रॉयस से लेकर नौ मर्सिडीज, छह बीएमडब्लू, एक जगुआर जैसी महंगी कारें शामिल कर लीं। आज शाहरुख खान से लेकर अमिताभ बच्चन तक रमेश की क्लाइंट लिस्ट में शामिल हैं।

किन्नरों ने के अच्छे दिन, अहम पदों पर लहराया परचम

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ओडिशा की ऐश्वर्या रितुपर्णा, तमिलनाडू की प्रीतिका याशिनी और कृष्णानगर की मानवी बंदोपाध्याय ने किन्नरों के बारे में सोच और नजरिया ही बदल दिया।

ओडिशा की 32 वर्षीय एक राजपत्रित अधिकारी ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी ट्रांसजेंडर पहचान सार्वजनिक कर दी। रतिकांत प्रधान के रूप में पैदा हुई रितुपर्णा प्रधान ओडिशा के वित्तीय सेवा में नौकरी कर रही रही हैं।

ट्रांसजेंडर प्रीतिका याशिनी तमिलनाडु की पहली ट्रांसजेंडर पुलिस सब इंस्पेक्टर बनीं। याशिनी के ऐपलिकेशन को प्रारंभिक तौर पर नामंजूर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
 
उधर देश की पहली ट्रांसजेंडर प्रिंसिपल मानवी बंधोपाध्याय ने बेसहारा बच्चों के साथ रैंप वॉक कर लोगों का ध्यान खींचा। मानवी ने कृष्णानगर वुमेन्स कॉलेज की प्रिंसिपल नियुक्त किए जाने पर सुर्खियां बटोरी थीं।

बेटी की खुशी में जुकरबर्ग ने दान की 99% संपत्ति

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फेसबुक के मालिक और मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने पिता बनने की खुशी में 99 फीसदी शेयर अपनी नई चैरिटी में दान करने का फैसला किया। जुकरबर्ग का ये दान करीब 45 अरब डॉलर का है।

जुकरबर्ग की पत्नी प्रिसिला चान ने बेटी को जन्म दिया तो खुशी से फूले जुकरबर्ग ने इतनी दौलत दान करने का मन बनाया।

जुकरबर्ग की मानें तो दान की इस संपत्ति से दुनिया में अमन-चैन और समानता लाने के प्रयास किए जाएंगे।
 
जुकरबर्ग-प्रिसिला की शादी 19 मई 2012 को हुई थी। बेटी के जन्म से पहले ही जुकरबर्ग ने दो महीने की लंबी छुट्टी ली थी, इस दौरान जुकरबर्ग ने बच्चे के खिलौने भी खरीदे थे।

वाई-फाई से 100 गुना तेज है लाई-फाई

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तीन घंटे की फिल्म तीन सेकेंड में डाउनलोड। जी हां, ये नई तकनीकी लाई-फाई से संभव हो पाया है। लाई-फाई की स्पीड वाई-फाई से 100 गुना तेज है। ये महज एक सेकंड में कम्प्यूटर और मोबाइल में एक जीबी डाटा ट्रांसमिट करता है। यानी करीब एक जीबी की फिल्म को डाउनलोड होने में सिर्फ एक सेकंड का वक्त लगता है।

हाल ही में लाई-फाई का पहली बार लैब से बाहर एक्सपेरिमेंट हुआ जो सफल रहा है।

लाई-फाई तकनीक में लेड बल्ब के जरिए इंटरनेट एक्सेस किया जाता है। इसके लिए एलईडी बल्ब में एक माइक्रोचिप लगाई जाती है। ये वाई-फाई के मुकाबले ज्यादा सेफ है, क्योंकि लाइट दीवार को पार नहीं कर पाती है।

लाई-फाई की खोज 2011 में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट हेराल्ड हास ने की थी। यह विजबिल लाइट कम्युनिकेशन (वीएलसी) पर बेस्ड है। फ्रांस की ओलेडकॉम ने लाई-फाई तकनीकी अस्पतालों में लगानी शुरू कर दी है।

राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश को छोड़ बिहार में सबका सायरन बंद

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बिहार में अराजक तत्वों के उत्पात के चलते सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला किया। बिहार में गवर्नर और चीफ जस्टिस को छोड़ कर किसी भी वीवीआईपी गाड़ी में सायरन नहीं लगाने का फैसला किया।

सीएम नीतीश के इस फैसले में एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी को भी छूट दी गई। जबकि खुद सीएम और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को इस फैसले पर अमल करना हैं।

बीते कुछ समय से सूबे में अपराधिक वारदातों में वीवीआईपी सायरन और लाल बत्ती के दुरुपयोग की तमाम वारदातें बढ़ने लगी थीं, जिसके बाद सीएम नीतीश ने ये अहम फैसला लिया।

यूपी में पॉलीथीन बैन

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यूपी में आने वाले दिनों में कूढ़े के ढेर कम दिखने लगें तो इसका श्रेय यूपी सरकार को दिया जा सकता है। सीएम अखिलेश की कैबिनेट का फैसला यूपी में काफी हद तक प्लास्टिक कचरे से निजात दिला सकता है। यूपी में पूरी तरह पॉलीथीन बैन की गई।

पॉलीथीन के कैरीबैग पर पूरी तरह से पाबंदी के प्रस्ताव को कैबिनेट की भी पूरी मंजूरी मिली।

इसके अलावा यूपी में समारोहों में प्लास्टिक से बने पत्तल-दोने, प्लास्टिक की चम्मच आदि के इस्तेमाल करने पर भी पाबंदी है।

सीएम अखिलेश के मुताबिक पर्यावरण के ‌ब‌िगड़े हालात को देखते हुए ये कदम उठाया गया। सूबे में पॉलीथीन के इस्तेमाल पर छह महीने की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माना तक हो सकता है।

हिंदुओं ने किया बहिष्कार, मुस्लिमों ने अंतिम संस्कार

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सहारनपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता की अनोखी मिसाल देखने को मिली जब एक दलित मुखिया के अंतिम सस्कार स्थानी मुसलमानों ने किया।

ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान दलित मुखिया रामदिया ने मुस्लिम उम्मीदवार का समर्थन किया तो इलाके का हिंदू समाज खफा हो गया और दलित प्रधान का बहिष्कार कर दिया।

बीमारी के चलते दलित मुखिया की मौत पर उसे कंधा देने के लिए कोई नहीं आया। जब हिंदुओं ने उसके शव को कंधा नहीं दिया तो मुस्लिमों ने उसकी अर्थी को न केवल कंधा दिया बल्कि पूरे हिंदू रीति रिवाजों से अंतिम संस्कार भी किया।

बाहुबली जैसी और फिल्में चाहिए!

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सिनेमा अगर देख कर सुख लेने का माध्यम है तो बाहुबली इसका सटीक उदाहरण है। सिर्फ देखते रहिए। उसमें खो जाइए। दक्षिण की इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा का नजरिया ही बदल दिया। ऐसे स्पेशल इफैक्ट शायद ही किसी भारतीय फिल्म में इस्तेमाल किए गए हों।

अब तक की सबसे महंगी भारतीय फिल्म बाहुबली की कहानी भले ही हौले-हौले बढ़े मगर फंतासी दृश्यों में इतनी ताकत है कि आप दम साधे रहते हैं। सिनेमाई तकनीक के शीर्ष पर फहराते हुए ध्वज की तरह है बाहुबली। मूल रूप से यह तमिल और तेलुगु में बनी है।

आप तमिल-तेलुगु जानते हैं तो बाहुबली को देखते हुए समाधि की अवस्था में पहुंच सकते हैं। अगर आप इन भाषाओं को नहीं समझते, तब भी पर्दे पर चल रहा जादू मन मोह लेगा। यही वजह है कि फिल्म में कमाई के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए।

इस साल भी बाहुबली के दूसरे पार्ट का लुत्फ दर्शकों को नसीब हो सकता है। पहले पार्ट में एक बहुत ही अहम सवाल अपने साथ छोड़ गई कि आखिर कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?

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