'यहां सिर्फ मस्जिद बाकी है, मंदिर मलबे का ढेर हैं'

Sandeep Bhattसंदीप भट्ट Updated Sat, 17 Oct 2015 04:14 PM IST
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position of  the old temples in  Pakistan

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहर पाकपत्तन की मस्जिद पीर वारिस शाह के पहलू में प्राचीन मंदिर में एक अलग दौर की यादों का बसेरा है, जब हिंदू और मुसलमान एक ही गली से मस्जिद और मंदिर जाया करते थे। मस्जिद बाकी है, मंदिर मलबे का ढेर है।
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कभी ये हिंदू समुदाय की तीन सौ एकड़ में फैली इबादतगाह हुआ करती थी। अब इसका एक छोटा सा हिस्सा ही संरक्षित है। छज्जे पर एक कतार में बेहद सफाई से बनाई गईं मूर्तियां इतिहास और बदलते दौर की खामोश गवाह हैं।
छत पर किसी गुमनाम कलाकार की रामायण की कहानियों पर बनाई गईं पेंटिंगें थीं जिनको खुरच दिया गया है। चंद साल पहले यहां मदरसा था, अब किसी का घर है।
इसे हमारे कैमरे ने शायद आखिरी बार इतिहास में सुरक्षित किया है क्योंकि घर वाले बाकी मूर्तियों को गिराने वाले हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सरकार की दिलचस्पी न होने के कारण इस पर कई बार कब्जा हो चुका है।
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