फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ponty spends fifty crore on religious and social work

पोंटी एक साल में धर्म-कर्म पर खर्चता था पचास करोड़

Thu, 22 Nov 2012 12:28 PM IST
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद Updated Thu, 22 Nov 2012 12:28 PM IST
विज्ञापन
ponty spends fifty crore on religious and social work

लिकर किंग पोंटी चड्ढा ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में खूब धर्मार्थ कार्य कराए। धर्मशाला, स्कूल और शादी हाल तक बनवाए। इस परिवार को करीब से जानने वालों का कहना है कि वह एक साल में करीब पचास करोड़ रुपये धर्म-कर्म पर खर्च करते थे। उन्होंने पाकिस्तान, अमेरिका और इंग्लैंड के गुरुद्वारों को दान किये थे।

विज्ञापन


पोंटी की मौत के बाद उनके साथ लंबे समय तक जुड़े रहने वाले लोगों में उनके किए गए सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चाएं हैं। उन परिवारों का जिक्र हो रहा है, जिनकी वह मदद किया करते थे तो ग्रूप के भविष्य पर भी बात हो रही है। वीर खालसा दल के अध्यक्ष मंजीत सिंह करीब 25 सालों तक उनके परिवार से जुड़े रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि पोंटी चड्ढा ने स्कूलों का भी निर्माण कराया। नोएडा में भी स्कूल खुलवाया। मुरादाबाद में भी एक गर्ल्स कॉलेज बनाने की प्लानिंग थी। पंजाब और हरियाणा में धर्मशालाएं बनवाई गई हैं। उत्तराखंड के रीठा साहिब गुरुद्वारे में बड़ा जेनरेटर लगवाया तो अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सोने की पालकी भेंट की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि पोंटी ने दिल्ली के गुरुद्वारे में हॉल का निर्माण कराया। पंजाब और हरियाणा के धार्मिक स्थलों पर भी निर्माण कार्य कराए थे। पाकिस्तान के ननकाना साहब गुरुद्वारे में जब पोंटी चड्ढा गए तो वहां चल रहे निर्माण कार्य के लिए आर्थिक मदद की थी। यही नहीं, अमेरिका और इंग्लैंड के एनआरआई की मदद करने के साथ ही उन्होंने वहां के धर्म स्थलों को भी दान दिया था। धर्म के लिए जिसने भी धन मांगा निराश नहीं हुआ।

मंजीत सिंह ने बताया कि पोंटी मुरादाबाद में गुरु तेग बहादुर के नाम पर गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलना चाहते थे लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed