फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ponty had made money bank for state elections

पोंटी ने चुनाव को बनाया था ‘175 करोड़ का मनी बैंक’

Tue, 20 Nov 2012 03:36 PM IST
मुरादाबाद/ब्यूरो
मुरादाबाद/ब्यूरो Updated Tue, 20 Nov 2012 03:36 PM IST
विज्ञापन
ponty had made money bank for state elections

शराब, रीयल इस्टेट और खनन में वर्चस्व के साथ ही पोंटी चड्ढा सिनेमा और सियासती लोगों को भी फाइनेंस करते थे। आड़े वक्त में इन दोनों जगत के दिग्गजों की मदद भी की। लेकिन बहुत कम लोग वाकिफ होंगे कि चुनावों के लिए पोंटी चड्ढा मनी बैंक तैयार कर रहे थे। करीब 175 करोड़ रुपये लगाने वाले थे अगले विधानसभा चुनावों में। यह वही रकम थी, जिसकी बाबत पोंटी ने आयकर छापों के बाद अघोषित आय का खुलासा कर 54 करोड़ का टैक्स जमा किया था।

विज्ञापन


मालूम रहे कि बीती एक फरवरी को इनकम टैक्स ने पोंटी चड्ढा के ठिकानों पर छापे मारे थे। सूबे में कुल 17 स्थानों पर 225 अफसरों की टीम ने जब छापे मारे तो सियासी जगत में हड़कंप मच गया था। नोएडा के मॉल के बेसमेंट में तिजोरी मिली थी। मुरादाबाद में आवास और दफ्तर भी खंगाला गया था।
विज्ञापन


तब एक बड़ा सवाल गूंजा था कि पूरी तैयारी के बाद भी आयकर विभाग को बड़ी और खास उपलब्धि हासिल क्यों नहीं हुई। तब तर्क छापों की सूचना लीक होने का दिया गया था। हालांकि बाद में पोंटी चड्ढा ने खुद 175 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा कर तय किए गए 54 करोड़ बतौर आयकर जमा किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बड़ी रकम के आंकड़े का जिक्र खुद पोंटी चड्ढा ने अपने करीबियों से किया भी था। यह रकम उस पार्टी के इलेक्शन पर खर्च होनी थी, जिसकी नजदीकियां पोंटी के साथ थीं। कहा तो यहां तक गया था कि पोंटी ने विधानसभा चुनाव के लिए पांच महीने पहले से ही ‘मनी बैंक’ तैयार करना शुरू कर दिया था। लेकिन किसी तरह से इसकी जानकारी दिल्ली सरकार के एक खास सिपहसलार को हो गई थी। न चाहते हुए भी पोंटी को यह संपत्ति घोषित करनी पड़ी थी।    

 
24 घंटे पहले हो गई थी छापों की जानकारी
इनकम टैक्स के अधिकारी जब पोंटी के ठिकानों पर छापे मारने के लिए दस्तों का गठन कर रहे थे तब पोंटी को जानकारी हो चुकी थी। लिहाजा उसने अपने सभी प्रतिष्ठानों को अलर्ट कर दिया था। यही वजह थी कि पूरे तामझाम के साथ जांच करने वाली टीम को भी कुछ खास हाथ नहीं लग सका था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed