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नामधारी और पोंटी चड्ढा ने रची थी कब्जे की साजिश
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2013 09:45 PM IST
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चड्ढा बंधु हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुखदेव सिंह नामधारी सहित 22 अभियुक्तों के खिलाफ शनिवार को दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र दायर कर दिया। दिल्ली की एक अदालत में दाखिल इस आरोपपत्र में गुरदीप सिंह उर्फ पोंटी चड्ढा को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
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17 नवंबर को एक फार्महाउस पर हुए शूटआउट में शराब कारोबारी पोंटी और उनके भाई हरदीप सिंह चड्ढा दोनों की मौत हो गई थी। मामले के 22 अभियुक्तों में से 10 फरार हैं। अदालत ने संज्ञान लेते हुए सभी अभियुक्तों को 19 फरवरी को पेश करने का निर्देश दिया है।
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साकेत स्थित अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार के समक्ष पेश 74 पृष्ठ के आरोपपत्र में पुलिस ने कहा है कि हरदीप सिंह चड्ढा के फार्म हाउस पर कब्जा करने की साजिश मुख्य रूप से नामधारी और पोंटी चड्ढा ने रची थी। इस साजिश को अंजाम देने में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख नामधारी के गुर्गों के अलावा पोंटी, उनके बेटे मनप्रीत चड्ढा और चाचा राजेंद्र सिंह चड्ढा के निजी सुरक्षा गार्ड को भी शामिल किया गया।
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आरोपपत्र के अनुसार पोंटी के कहने पर ही नामधारी अपने गुर्गों के साथ उत्तराखंड से आया था। इन सभी ने पोंटी से बात की और छतरपुर व बिजवासन के फार्म हाउस पर कब्जे का षड्यंत्र रचा। सभी अभियुक्त खतरनाक हथियारों से लैस होकर फार्म हाउस पहुंचे व इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार नामधारी व उसके सुरक्षा गार्ड सचिन त्यागी ने पहले ही तय कर लिया था कि विरोध करने वालों की हत्या कर दी जाएगी। इसी कारण उन्होंने हरदीप की हत्या कर दी। नामधारी ने हरदीप चड्ढा पर तीन फायर किए, जबकि त्यागी ने भी अपनी ऑटोमेटिक कारबाइन से गोली चलाई। इन दोनों पर ही पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपपत्र के साथ दिए 1200 दस्तावेज
आरोपपत्र के साथ पुलिस ने 1200 दस्तावेज, गवाहों के बयान, चिकित्सा रिपोर्ट आदि जमा करवाई है। मामले में कुल 110 गवाह बनाए गए हैं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 11 आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि पोंटी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा आठ के खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई चल रही है और दो के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लिए गए हैं।