फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ponti chadha had gone farm house without security guards

पोंटी चड्ढा के साथ नहीं था कोई सुरक्षा गार्ड

Mon, 19 Nov 2012 08:20 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/नई दिल्ली Updated Mon, 19 Nov 2012 08:20 AM IST
विज्ञापन
ponti chadha had gone farm house without security guards

फार्म हाउस पर कब्जे को लेकर हुए खूनी संघर्ष में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और उनके भाई हरदीप की मौत के मामले में रविवार को तस्वीर साफ होती दिखी। हत्याकांड की पड़ताल में अभी तक यह बात सामने आई है कि पोंटी शनिवार को पंजाब पुलिस से मिले सुरक्षा गार्डों के बिना ही सेंट्रल ड्राइव फार्म हाउस नंबर-42 में पहुंचे थे।  

विज्ञापन


पुलिस के अनुसार, पोंटी ने फार्म हाउस पर कब्जा करने के लिए अपने लोगों को पहले ही भेज दिया था। बाद में वह पुत्रवधू की लैंड क्रूजर से वहां पहुंचे। पोंटी के साथ उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुखदेव सिंह और उनके पीएसओ (उत्तराखंड पुलिस का जवान) सचिन त्यागी थे।
विज्ञापन


पोंटी के सुरक्षा गार्डों के ड्राइवर कमल ने बताया कि हरदीप के लोगों ने फार्म हाउस पर कब्जा करने की सूचना दी थी। उस समय हरदीप नोएडा में थे। वह गुस्से में सीधे फार्म हाउस पहुंचे, जहां गेट पर उन्हें पोंटी का मैनेजर नरेंद्र मिला। हरदीप ने उससे कहा कि क्यों नरेंद्र तू माना नहीं, मैंने तुझे कई बार मना किया था। इसके बाद उन्होंने नरेंद्र के पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही नरेंद्र फार्म हाउस के अंदर भाग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुस्साएं हरदीप ने लैंड क्रूजर के बोनट में एक गोली मारी और इसके बाद हरदीप ने गाड़ी की पिछली साइड में बैठे पोंटी के साथ गाली गलौज किया और गोलियां बरसा दीं। हरदीप ने पहले 7.65 एमएम की पिस्टल से गोलियां चलाईं। गोलियां खत्म होने पर दूसरी पिस्टल से गोलियां बरसाईं।


हरदीप के सुखदेव पर गोलियां चलाने पर उनके पीएसओ सचिन ने हरदीप पर 9 एमएम की कारबाइन से जवाबी फायरिंग की। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में सुखदेव ने कहा है कि हरदीप ने उन पर दो गोलियां चलाईं। बचने के लिए वह गाड़ी के नीचे बैठ गए। सचिन की सहायता से वे पोंटी को फोर्टिस ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed