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पोंटी चड्ढा का कारोबारी साम्राज्य

Sat, 17 Nov 2012 11:48 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 17 Nov 2012 11:48 PM IST
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ponti chadha business empire

पोंटी और उनके भाई हरदीप सिंह व राजेंद्र सिंह का कारोबारी साम्राज्य शराब रिटेल, डिस्टीलरी, चीनी मिल, पेपर मैन्यूफैक्चरिंग, बॉटलिंग, न्यूट्रीशनल फूड, फिल्म फाइनेंसिंग, फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन, थिएटर चेन और कॉमर्शियल रियल एस्टेट से लेकर रेजिडेंशियल रियल स्टेट तक फैला हुआ है।

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हालांकि कंपनी द्वारा वेव इनकारपोरेशन समूल के नाम से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ग्रुप का टर्नओवर 2500 करोड़ रुपये बताया है। लेकिन इसमें कई तरह के कारोबार को शामिल नहीं किया गया है। एक अनुमान के मुताबिक समूह का कारोबार करीब 30,000 करोड़ रुपये सालाना माना जा सकता है।
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कंपनी द्वारा उत्तर प्रदेश में शराब के एक्साइज कलेक्शन और रिटेल का पूरा धंधा देखते हुए यह संभव है। इस साल उत्तर प्रदेश सरकार ने एक्साइज कलेक्शन का लक्ष्य ही 10,070 करोड़ रुपये रखा है। ऐसे में समूह द्वारा बेची जाने वाली शराब की कीमत ही 20,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगी।
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वेव इनकारोपेरेशन के पहले पोंटी के कारोबार को चड्ढा समूह के नाम से जाना जाता था। इसकी शुरुआत 1963 में पोंटी के पिता कुलवंत सिंह ने यूपी के मुरादाबाद जिले में एक गन्ना क्रेशर से की थी। उसके बाद समूह पेपर मैन्यूफैक्चरिंग से शराब रिटेल और दूसरे क्षेत्रों में उतरता चला गया।

राजनीतिक रसूख के जरिये कारोबार बढ़ाने में माहिर पोंटी को सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता था लेकिन पिछली मायावती सरकार में पोंटी ने पाला बदल लिया और उन्हें कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के अलावा यूपी में शराब के रिटेल कारोबार पर अकेले काबिज होने का मौका मिला।

शराब कारोबार के अलावा समूह ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में चीनी मिलें और डिस्टीलरी भी स्थापित की। वहीं मायावती सरकार के कार्यकाल में पोंटी ने राज्य चीनी निगम की पांच चीनी मिलों को 276 करोड़ रुपये में खरीदा। राज्य की मौजूदा अखिलेश सरकार ने इन मिलों की बिक्री की जांच हाल ही में लोकायुक्त को सौंपी है।

इस पर कैग भी टिप्पणी कर चुका था। कंपनी के पास उत्तर प्रदेश के धनौरा में 8300 टीसीडी और 30 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाला प्लांट वेब इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पंजाब के दासूया में 7500 टीसीडी और 33 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाली इकाई एबी शुगर लिमिटेड और पंजाब के गुरुदासपुर में ही 360 केएल-पीडी और 5.5 मेगावाट बिजली उत्पादन वाले एबी ग्रीन्स स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड है।


पेपर उद्योग के तहत उत्तराखंड के बिलासपुर में 78550 मिट्रिक टन वाली इकाई चड्ढा पेपर्स लिमिटेड और उत्तर प्रदेश में मनोरमा पेपर लिमिटेड इकाई है। रियल एस्टेट कारोबार में भी पोंटी ने अपना कारोबार काफी तेजी से बढ़ाया है। इसमें उनकी राजनीतिक पहुंच भी उन्हें शिखर तक ले जाने में काफी मददगार रही है।

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