ग्रीनपीस की रिपोर्ट: भारत में चीन से अधिक प्रदूषण
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वायु प्रदूषण के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। ग्रीनपीस ने नासा के उपग्रहों द्वारा प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया है। इसके मुताबिक 2015 में पहली बार औसत पार्टिकुलेट मैटर के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ दिया।
ग्रीनपीस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005 में भारत में प्रदूषण का स्तर खतरनाक था लेकिन यह चीन से कहीं कम था। अब इसमें बदलाव आ गया है।
2005 के बाद से भारत में पार्टिकुलेट मैटर दो प्रतिशत की औसत दर से बढ़ा है। चीन ने प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसका नतीजा साल दर साल वायु की गुणवत्ता सुधरने के रूप में सामने आ रहा है।
प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा
दूसरी ओर भारत में पिछले एक दशक से प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। विश्व
स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया के 20 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में
से 13 भारत के हैं।
खासतौर पर उत्तर भारत में पिछले 10 सालों में वायु
प्रदूषण की स्थिति खराब हुई है।
ग्रीनपीस ने इससे पहले अपनी नेशनल एयर
क्वालिटी रैंकिंग इंडेक्स (एनएक्यूआई) रिपोर्ट में कहा था कि 15 भारतीय
शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर निर्धारित भारतीय मानक से बहुत ऊपर चला गया
है। भारत में केवल 39 एनएक्यूआई स्टेशन हैं, जबकि चीन में यह संख्या डेढ़
हजार है।