फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   pollution in india more than china

ग्रीनपीस की रिपोर्ट: भारत में चीन से अधिक प्रदूषण

Tue, 23 Feb 2016 05:40 AM IST
Updated Tue, 23 Feb 2016 05:40 AM IST
विज्ञापन
pollution in india more than china

वायु प्रदूषण के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। ग्रीनपीस ने नासा के उपग्रहों द्वारा प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया है। इसके मुताबिक 2015 में पहली बार औसत पार्टिकुलेट मैटर के मामले में भारत ने चीन को पछाड़ दिया।

विज्ञापन


ग्रीनपीस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005 में भारत में प्रदूषण का स्तर खतरनाक था लेकिन यह चीन से कहीं कम था। अब इसमें बदलाव आ गया है।

2005 के बाद से भारत में पार्टिकुलेट मैटर दो प्रतिशत की औसत दर से बढ़ा है। चीन ने प्रदूषण कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसका नतीजा साल दर साल वायु की गुणवत्ता सुधरने के रूप में सामने आ रहा है।
विज्ञापन

प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा

pollution in india more than china

दूसरी ओर भारत में पिछले एक दशक से प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया के 20 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से 13 भारत के हैं।

खासतौर पर उत्तर भारत में पिछले 10 सालों में वायु प्रदूषण की स्थिति खराब हुई है।

ग्रीनपीस ने इससे पहले अपनी नेशनल एयर क्वालिटी रैंकिंग इंडेक्स (एनएक्यूआई) रिपोर्ट में कहा था कि 15 भारतीय शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर निर्धारित भारतीय मानक से बहुत ऊपर चला गया है। भारत में केवल 39 एनएक्यूआई स्टेशन हैं, जबकि चीन में यह संख्या डेढ़ हजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed