फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   poll equations in karnataka and modi factor

कर्नाटक में भाजपा-कांग्रेस में सीधी टक्कर

Wed, 16 Apr 2014 04:35 PM IST
Updated Wed, 16 Apr 2014 04:35 PM IST
विज्ञापन
poll equations in karnataka and modi factor

कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटें अलग-अलग कारणों से भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही अहम हैं। कांग्रेस कर्नाटक से सबसे ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है। इस तरह कर्नाटक दक्षिण भारत में कांग्रेस की मौजूदगी बनाए रखने में भी मददगार रह सकता है।

विज्ञापन


यहां की सभी 28 सीटों पर गुरुवार यानी 17 अप्रैल को मतदान होगा। भाजपा ने वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां 70 फीसदी सीटें जीती थीं, हालांकि उसके बाद कर्नाटक के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा पार्टी से अलग हो गए, जिससे भाजपा को नुकसान हुआ।
विज्ञापन


येदियुरप्पा के पार्टी से अलग होने का असर ही था कि जिससे 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिले करीब 41 फीसदी वोटों का प्रतिशत 2013 के विधानसभा चुनाव में गिरकर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

येदियुरप्पा पर टिकी हैं भाजपा की उम्‍मीदें

poll equations in karnataka and modi factor

भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कर्नाटक में पार्टी का खोया वोट बैंक वापस लाना चाहते हैं, इसके लिए ही येदियुरप्पा की हाल ही में पार्टी में वापसी हुई है। येदियुरप्पा की वापसी से भाजपा का सोचना है कि कम से कम 15 सीटें यहां जरूर पार्टी की झोली में आएंगी।

गौरतलब है कि येदियुरप्पा की यहां बहुसंख्यक लिंगायत समुदाय के वोट बैंक पर अच्छी पकड़ है। येदियुरप्पा 2012 में भाजपा से अलग हो गए थे, इससे पार्टी काफी कमजोर हो गई थी, इसका ही नतीजा है कि वर्ष 2013 विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आसानी से राज्य में सिद्धरमैया के नेतृत्व में सरकार बनाने में सफल रही।

जबकि 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कर्नाटक की 28 सीटों में महज 6 सीटें ही जीत पाई थी, लेकिन सिद्धरमैया के नेतृत्व के बाद कांग्रेस यहां 14 सीटें जीतने की उम्‍मीद कर रही है।

कांग्रेस को सिद्धरमैया के समीकरणों पर भरोसा

poll equations in karnataka and modi factor

सिद्धरमैया पिछड़ों, दलितों, आदिवासी समुदाय और मुसलमानों को एक साथ लाए। इन वर्गों के करीब मतदाता करीब 65 फीसदी हैं। उन्होंने पूर्व पीएम देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस के वोट बैंक में भी सेंध लगाई। इस तरह कांग्रेस का वोट प्रतिशत 37 से 39 प्रतिशत के बीच पहुंच गया।

कर्नाटक की सभी 28 में से ज्यादातर सीटों पर मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। भाजपा के स्टालवार्ट येदियुरप्पा ने अमर उजाला को बताया कि उनकी एकजुट पार्टी कम से कम 15 सीटें जरूर जीतेगी।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के शहरी क्षेत्रों में मोदी फैक्टर हावी हावी है, इससे अतिरिक्त वोट मिलेंगे। यहां कांग्रेस भी 13 से 15 सीटें जीतने का दावा कर रही है। भाजपा यहां मोदी के नाम पर 2 से 3 फीसदी ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद कर रही है।

बंगलूरू है कर्नाटक का बैरोमीटर

poll equations in karnataka and modi factor

आईटी हब और राज्य का सबसे बड़ा शहर बंगलूरू यहां एक तरह से लोकसभा चुनाव का बैरोमीटर है। चार सीटों वाले बंगलूरू कर्नाटक में चुनावी हवा के रुख का संकेत करता है।

बंगलूरू दक्षिण सीट पर मुकाबला हाई प्रोफाइल है, यहां कांग्रेस प्रत्याशी नंदन नीलेकणी का मुकाबला भाजपा के एस अनंत कुमार से है। नीलेकणी कहते हैं "स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रचार की मुहिम चलाकर मतदाताओं से अनंत कुमार को हराने की अपील कर रहे हैं।" नीलकेणी के मुताबिक, अनंत कुमार इस सीट से पांच बार चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन बहुत ही कम विकास कार्य किए हैं।

नीलेकणी फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल साइटों का जमकर इस्तेमाल प्रचार में कर रहे हैं। इन सोशल माध्यमों के जरिए वह 4,50,000 मतदाताओं से जुड़ चुके हैं।

अनंत कुमार की प्रतिष्ठा भी लगी दांव पर

poll equations in karnataka and modi factor

वहीं 5 बार सांसद रह चुके अनंत कुमार के पास मुद्दों की कमी है, वह मोदी और केंद्र में बदलाव के नाम पर वोट मांग रहे हैं। हालांकि अनंत कुमार लालकृष्ण आडवाणी खेमे के माने जाते हैं।

बंगलूरू मध्य सीट पर भी मुख्य मुकाबला कांग्रेस के रिजवान अरशद और भाजपा के मौजूदा सांसद पीसी मोहन के बीच है। मोहन भी फिर संसद जाने के लिए मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। इस सीट पर 17 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं।

इंफोसिस के पूर्व निदेशक वी बालकृष्णनन भी यहां मैदान में हैं। बाल कृष्‍णन ने बताया,' मैं केवल अपनी स्वच्छ छवि के बूते चुनाव लड़ रहा हूं, जो बंगलूरू के लोगों के लिए लगातार कार्य करेगा। बंगलूरू उत्तर सीट पर भी भाजपा के सीएम सदानंद गौड़ा और कांग्रेस के सी नारायनस्वामी के बीच मुख्य मुकाबला है। बंगलूरू ग्रामीण सीट पर मुकाबला कांग्रेस और जेडीएस के बीच है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed