..तो राहुल के खिलाफ भाजपा के टिकट पर लड़ते कुमार विश्वास
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके गढ़ में चुनौती देने पहुंचे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुमार विश्वास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मुसलमानों दोनों को एक साथ साधने में जुटे हैं।
अपने पिता के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रिश्ते का हवाला देकर विश्वास अमेठी क्षेत्र के उन संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं से गुपचुप मिल रहे हैं, जो स्मृति ईरानी की उम्मीदवारी से नाखुश हैं।
जबकि कांग्रेस के मुस्लिम जनाधार में सेंध लगाने के लिए विश्वास अपने और पार्टी के सेक्युलर चरित्र का दावा करते हुए उनके बीच जा रहे हैं।
संघ अमेठी से भाजपा के टिकट पर लड़ाना चाहता था
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का 49 दिनों बाद सरकार छोड़ देना विश्वास को भारी पड़ रहा है। लोग कहते हैं कि जो 49 दिन बाद सरकार छोड़ सकते हैं, वो अमेठी कब छोड़ देंगे, इसका क्या भरोसा!
विश्वास के पिता का संघ से पुराना नाता रहा है। विश्वास भी खुद को राष्ट्रवादी कवि मानते हैं।
संघ उन्हें राहुल गांधी केखिलाफ भाजपा के टिकट परअमेठी से चुनाव भी लड़ाना चाहता था। संघ के इस प्रस्ताव पर विश्वास ने आम आदमी पार्टी के अपने मित्र और शीर्ष नेताओं से चर्चा भी की।
भाजपा ने अंतिम समय में स्मृति ईरानी को उतार दिया
हालांकि आम आदमी पार्टी ने संघ की पेशकश को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि इससे उनकी संघ से साठगांठ का गलत संदेश जाएगा। बाद में विश्वास आप के उम्मीदवार हो गए।
लंबे समय तक भाजपा अमेठी में अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई थी। तब स्थानीय नेता रश्मि सिंह यहां से टिकट की प्रबल दावेदार थीं।
उन्होंने अपने नाम के बैनर होर्डिंग लगाकर खासा पैसा भी खर्च किया था। लेकिन आखिरी वक्त में भाजपा ने अपनी स्टार प्रचारक स्मृति ईरानी को उतार दिया।
इरानी से नाराज कार्यकर्ताओं को खींचने की जुगत
इससे रश्मि सिंह और उनके समर्थकों को झटका लगा।
विश्वास उन्हें अपनी ओर खींचने में जुटे हैं। जिला भाजपा के नेता वरिष्ठ नेता प्रवीण सिंह थौरी की हाल ही में कुमार विश्वास से हुई मुलाकात को इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
संघ के अवध प्रांत इकाई का कार्यालय अमेठी के जामू में है। विश्वास जामू के संघ पदाधिकारियों के संपर्क में भी हैं। उन्हें भरोसा है कि संघ के जमीनी कार्यकर्ता चुनाव में उनका साथ देंगे।
मुसलमानों के बीच पैठ बना रहे कुमार विश्वास
दूसरी तरफ कुमार विश्वास लगातार अमेठी के मुस्लिम की बहुल जगदीशपुर, मुसाफिरखाना, तिलोई और जायस में घूम घूम कर अपने सेक्युलर होने का दावा करते हुए कांग्रेस के मुस्लिम जनाधार में सेंध लगाने की कोशिश में हैं।
करबला को लेकर अपने विवादित बयान को लेकर मुसलमानों के निशाने पर रहे विश्वास को अब उनके बीच पैठ बनाने में कुछ कामयाबी भी मिली है।
जायस के प्रभावशाली मुस्लिम नेता मोहम्मद ईसा कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हो गए हैं। आप नेताओं का दावा है कि ईसा के इधर आने से मुसलमानों में विश्वास का समर्थन बढ़ा है।
राहुल के खिलाफ पुस्तिका बंटवाने से फैली नाराजगी
लेकिन जमीनी हकीकत कहती है कि लगातार भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी के मजबूत होने से मुकाबला राहुल बनाम स्मृति बनते जाने से मुसलमानों के बीच आप का समर्थन खिसक रहा है।
हाल ही में रात भर में पूरे अमेठी में राहुल गांधी को लेकर तमाम आपत्तिजनक सामग्री वाली एक विवादित प्रचार पुस्तिका के गुपचुप तरीके से बंटवाने की भी खासी तीखी प्रतिक्रिया हो रही है।
आप की सरकार गिरने से भी हो रहा नुकसान
अमेठी में सड़क किनारे एक दुकान पर बैठे सलीम के मुताबिक शुरु में जब कुमार विश्वास अमेठी आए तो उनके साथ दिल्ली की कामयाबी की हवा भी साथ आई थी।
लेकिन जब अरविंद केजरीवाल ने पहले सड़क पर धरना दिया और फिर सरकार से इस्तीफा देकर मैदान छोड़ गए तो वह हवा भी उतर गई।
सलीम के साथ बैठे अशरफ कहते हैं कि उनकी अम्मी ने तय किया था कि इस बार वह अपना वोट आप को देंगी, लेकिन अब दो दिन से उन्होंने इरादा बदल दिया है। कुछ ऐसी ही राय पान की दुकान लगाए रामशरण की भी थी।