चालीस लाख गन्ना किसानों को साधने की सियासत
भाकियू के चक्का जाम को कई पार्टियों ने अपना समर्थन दिया। किसानों के धरने पर सियासी पार्टियों के लोग भी पहुंचे। काश्तकारों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। सभी में किसानों का समर्थन हासिल करने की होड़ सी मची रही।
प्रदेश में 42 लाख गन्ना उत्पादक किसान हैं। यह संख्या तो उन्हीं किसानों की है जो गन्ना समितियों के सदस्य हैं। जबकि हकीकत में तो संख्या काफी होगी। सोमवार को जब भाकियू इन किसानों का दर्द लेकर सड़कों पर उतरी तो कई सियासी दल भी मैदान में आ गए थे।
किसानों का समर्थन पाने की कोशिश
भाजपा, रालोद और बसपा के पदाधिकारी भी पहुंचे और खुद को किसानों का सच्चा साथी साबित करने के प्रयास किए। दरअसल कोशिश इन किसान परिवारों में अपने लिए जगह बनानी की थी।
वैसे भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों की सियासत किसानों के इर्द गिर्द ही घूमती है। लिहाजा हर कोई किसानों का समर्थन पाने की कोशिश में रहता है।